उत्तरकाशी
रिपोर्ट : महावीर सिंह राणा
शिक्षा का अधिकार (आरटीई) अधिनियम के तहत अपवंचित एवं आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने तथा प्रवेश प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिला मुख्यालय सभागार में एक विशेष संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम जिलाधिकारी प्रशांत आर्य के निर्देशों पर संपन्न हुआ, जिसमें बच्चों एवं अभिभावकों के साथ सीधा संवाद कर शिक्षा के महत्व पर विस्तार से चर्चा की गई।
कार्यक्रम के दौरान जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने विकासखंड भटवाड़ी के अपवंचित एवं कमजोर वर्ग के बच्चों और उनके अभिभावकों से बातचीत करते हुए कहा कि बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए समाज और प्रशासन दोनों की सहभागिता आवश्यक है।
उन्होंने अभिभावकों को प्रेरित करते हुए कहा कि वे अपने बच्चों की छिपी प्रतिभाओं को पहचानें और उन्हें आगे बढ़ाने में सक्रिय भूमिका निभाएं।
डीएम ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम का लाभ प्रत्येक पात्र बच्चे तक पहुंचना चाहिए, ताकि कोई भी बच्चा आर्थिक अभाव के कारण शिक्षा से वंचित न रहे। उन्होंने शिक्षा को समाज के विकास की सबसे मजबूत नींव बताते हुए सभी संबंधित विभागों को समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए।

इस अवसर पर शैक्षिक सत्र 2026-27 में नवप्रवेशित 23 छात्र-छात्राओं को स्कूल बैग, ट्रैक सूट, जूते, छाता, टिफिन, वाटर बोतल और आर्ट किट जैसी आवश्यक शिक्षण सामग्री वितरित की गई। बच्चों और अभिभावकों ने इस पहल की सराहना करते हुए प्रशासन का आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में सिंचाई विभाग जोशियाड़ा एवं उत्तराखंड पेयजल निर्माण निगम चंबा का विशेष सहयोग रहा। इस दौरान मुख्य शिक्षा अधिकारी अमित कोटियाल, जिला शिक्षा अधिकारी शैलेन्द्र अमोली, खंड शिक्षा अधिकारी हर्षा रावत सहित बड़ी संख्या में अभिभावक एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

