जौराई बुग्याल में बेलक-जौराई पर्यटन मेले का भव्य समापन, पांडव नृत्य और लोक संस्कृति ने बांधा समां
उत्तरकाशी। रिपोर्ट महावीर सिंह राणा समुद्र तल से करीब 3100 मीटर की ऊंचाई पर फैला जौराई बुग्याल बुधवार को सिर्फ एक पर्यटन स्थल नहीं, बल्कि आस्था, लोक संस्कृति और सदियों पुरानी स्मृतियों का जीवंत मंच बन गया। चारों ओर पहाड़, खुले आसमान के नीचे फैला बुग्याल, ढोल-दमाऊं की गूंज और उसके बीच पांडव नृत्य में…

