तपोभूमि उत्तरकाशी में गूंज रही सनातन धर्म की अलख, श्रीमद्भागवत कथा से भक्तिमय हुआ वातावरण

उत्तरकाशी।
रिपोर्टर महावीर सिंह राणा
देवभूमि उत्तराखंड की पावन काशी नगरी उत्तरकाशी इन दिनों सनातन धर्म की भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर है। मां गंगा के पवित्र तट पर स्थित श्रीमलूकपीठ आश्रम, ग्राम सैंज, पट्टी टकनौर में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ रहा है। 09 मई से 15 मई 2026 तक चल रहे इस विराट आध्यात्मिक आयोजन में देशभर से संत-महात्मा, श्रद्धालु एवं गणमान्य लोग पहुंचकर धर्मलाभ अर्जित कर रहे हैं।


कथा के दौरान Kailash Vijayvargiya सहित क्षेत्रीय विधायक ने भी सहभाग कर पूज्य संतों का आशीर्वाद प्राप्त किया। आयोजन में सनातन संस्कृति की भव्य झलक देखने को मिल रही है, जहां भजन-कीर्तन, वैदिक मंत्रोच्चारण और सत्संग से पूरा वातावरण भक्तिमय बना हुआ है।
श्रीमज्जगद्गुरु श्री अग्रपीठाधीश्वर एवं मलूकपीठाधीश्वर श्री राजेन्द्रदास देवाचार्य जी महाराज ने अपने ओजस्वी प्रवचनों में कहा कि “श्रीमद्भागवत कथा मानव जीवन को सत्य, सदाचार एवं ईश्वर भक्ति की ओर प्रेरित करती है। सनातन धर्म केवल आस्था नहीं, बल्कि मानवता को सही मार्ग दिखाने वाली जीवनशैली है।”

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उन्होंने कहा कि उत्तरकाशी केवल एक नगर नहीं, बल्कि ऋषि-मुनियों की तपस्थली और आध्यात्मिक चेतना की भूमि है, जहां सदियों से धर्म, साधना और संस्कृति की धारा प्रवाहित होती आ रही है। कथा का उद्देश्य जनमानस में आत्मचिंतन, संस्कार, सेवा भावना और सनातन संस्कृति के प्रति आस्था को मजबूत करना है।


कथा स्थल पर प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु पहुंचकर कथा श्रवण कर रहे हैं। महाराज श्री द्वारा धर्म, सेवा, संस्कार और भाईचारे का संदेश दिया जा रहा है, जिससे समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार हो रहा है। इसी क्रम में वैदिक विधि-विधान के साथ भूमि पूजन कार्यक्रम भी सम्पन्न कराया गया, जिसमें क्षेत्र की सुख-समृद्धि, शांति और जनकल्याण की कामना की गई।

आयोजन समिति द्वारा श्रद्धालुओं के लिए भोजन, आवास एवं अन्य व्यवस्थाओं को सुचारु रूप से संचालित किया जा रहा है। पूरे क्षेत्र में भक्ति, श्रद्धा और सनातन संस्कृति की दिव्य छटा देखने को मिल रही है।

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