उत्तरकाशी।
रिपोर्ट महावीर सिंह राणा
दयारा बुग्याल ट्रैक पर लापता हुई महिला ट्रैकर बबीता पांडे का पांच दिन बीत जाने के बाद भी कोई सुराग नहीं मिल पाया है। उत्तरकाशी के इस बहुचर्चित मामले ने अब रहस्य का रूप ले लिया है। जहां एक ओर जिला प्रशासन, पुलिस और विभिन्न रेस्क्यू एजेंसियां दिन-रात खोज अभियान चला रही हैं, वहीं दूसरी ओर परिवार की चिंता और आशंकाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं।
लापता महिला की तलाश में NDRF, SDRF, स्थानीय पुलिस, राजस्व विभाग, वन विभाग, DDMA की क्विक रिस्पांस टीम (QRT) समेत कई एजेंसियां संयुक्त रूप से अभियान चला रही हैं। दयारा बुग्याल के दुर्गम पहाड़ी क्षेत्रों, जंगलों, खाइयों और संभावित ट्रैक रूटों पर लगातार सर्च ऑपरेशन जारी है। डॉग स्क्वायड की भी मदद ली जा रही है, लेकिन अभी तक कोई ठोस सुराग हाथ नहीं लग पाया है।
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार खोज अभियान को और व्यापक बनाया गया है तथा हर संभावित एंगल पर जांच की जा रही है। जिलाधिकारी स्तर से लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है और रेस्क्यू टीमों को आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
परिवार ने जताई आशंका, अपहरण का मुकदमा दर्ज
मामले में नया मोड़ तब आया जब लापता महिला के परिजनों ने उसके साथ ट्रैक पर गए दो लोगों पर गंभीर संदेह जताया। परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने दोनों के खिलाफ अपहरण संबंधी धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब ट्रैकिंग से जुड़े सभी तथ्यों, मोबाइल लोकेशन, घटनाक्रम और संबंधित व्यक्तियों से पूछताछ के आधार पर मामले की गहन जांच कर रही है।
सबसे बड़ा सवाल: आखिर बबीता गई कहां?
पांच दिनों की लगातार खोजबीन, आधुनिक संसाधनों और दर्जनों रेस्क्यू कर्मियों की मेहनत के बावजूद महिला ट्रैकर का कोई पता नहीं चलना कई सवाल खड़े कर रहा है। क्या वह किसी दुर्घटना का शिकार हुई? क्या वह रास्ता भटक गई? या फिर इसके पीछे कोई और कहानी छिपी है? इन सवालों के जवाब फिलहाल किसी के पास नहीं हैं।
उधर, परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और वे प्रशासन से जल्द से जल्द महिला को खोज निकालने की मांग कर रहे हैं। पूरा उत्तरकाशी इस रहस्यमयी गुमशुदगी पर नजर बनाए हुए है और सभी को उस पल का इंतजार है जब इस मामले की सच्चाई सामने आएगी।
(नोट: पुलिस जांच जारी है। अपहरण का मुकदमा दर्ज होना आरोप है, जिसकी जांच की जा रही है। अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएंगे।)

