उत्तरकाशी ने वीरों को किया सलाम, शौर्य स्थल पर गूंजा राष्ट्रभक्ति का स्वर

उत्तरकाशी
रिपोर्ट: महावीर सिंह राणा
कारगिल विजय दिवस के अवसर पर उत्तरकाशी में आयोजित ‘शौर्य दिवस’ समारोह देश के अमर वीरों को समर्पित रहा। जिला मुख्यालय के ज्ञानसू स्थित शौर्य स्थल पर जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, सेना, अर्द्धसैनिक बलों, पुलिस, पूर्व सैनिकों और स्थानीय नागरिकों ने एकजुट होकर कारगिल युद्ध के शहीदों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। पूरे आयोजन के दौरान राष्ट्रभक्ति का उत्साह और वीर जवानों के प्रति सम्मान स्पष्ट रूप से दिखाई दिया।


समारोह में गंगोत्री विधायक सुरेश चौहान, जिलाधिकारी प्रशांत आर्य, पुलिस अधीक्षक कमलेश उपाध्याय, अपर जिलाधिकारी मुक्ता मिश्र सहित अन्य अधिकारियों ने कारगिल शहीद राइफलमैन दिनेश चंद्र कुमांई के चित्र पर पुष्पचक्र एवं पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया। इस अवसर पर कुमाऊँ रेजिमेंट, आईटीबीपी, उत्तराखंड पुलिस और एनसीसी की टुकड़ियों ने शहीदों के सम्मान में आकर्षक गार्ड ऑफ ऑनर प्रस्तुत किया।

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कार्यक्रम का सबसे भावुक क्षण तब आया जब कारगिल शहीद दिनेश चंद्र कुमांई की वीरांगना अनीता देवी को शॉल और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। उपस्थित लोगों ने तालियों की गड़गड़ाहट के बीच उनके साहस और त्याग को नमन किया।
मुख्य अतिथि विधायक सुरेश चौहान ने कहा कि कारगिल युद्ध भारतीय सैनिकों के अदम्य साहस, वीरता और राष्ट्रभक्ति का स्वर्णिम अध्याय है। उन्होंने कहा कि शहीदों का बलिदान देशवासियों के लिए सदैव प्रेरणास्रोत रहेगा और नई पीढ़ी को उनके आदर्शों से सीख लेकर राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका निभानी चाहिए।


जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने कहा कि कारगिल विजय दिवस भारतीय सेना के शौर्य, अनुशासन और सर्वोच्च बलिदान का प्रतीक है। विषम परिस्थितियों में भी भारतीय जवानों ने अद्वितीय साहस का परिचय देकर देश की सीमाओं की रक्षा की और पूरे विश्व में भारत का गौरव बढ़ाया। उन्होंने कहा कि शहीदों का त्याग हर नागरिक को राष्ट्रप्रेम, कर्तव्यनिष्ठा और अनुशासन का संदेश देता है।
समारोह के दौरान देशभक्ति से ओत-प्रोत सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने वातावरण को भावविभोर कर दिया। देशभक्ति गीतों पर उपस्थित लोगों ने वीर जवानों को श्रद्धासुमन अर्पित किए। इस अवसर पर पूर्व सैनिकों को भी सम्मानित किया गया, जिन्होंने अपने जीवन का महत्वपूर्ण समय राष्ट्र सेवा के लिए समर्पित किया।
ज्ञानसू में आयोजित यह शौर्य दिवस समारोह केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं, बल्कि राष्ट्र के वीर सपूतों के प्रति कृतज्ञता और सम्मान की सशक्त अभिव्यक्ति बनकर उभरा। कार्यक्रम ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि देश की रक्षा में अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले वीरों का बलिदान कभी भुलाया नहीं जा सकता।

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इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक कमलेश उपाध्याय, एडीएम मुक्ता मिश्र, सेवानिवृत्त मेजर आर.एस. जमनाल, जिला सैनिक कल्याण अधिकारी संदीप नेगी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. श्याम विजय, सूबेदार महावीर सिंह राणा, हरि सिंह (कुमाऊँ रेजिमेंट), एनसीसी सूबेदार राजकुमार, प्रेम सिंह पंवार सहित बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक, अधिकारी और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

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