उत्तरकाशी
रिपोर्ट: महावीर सिंह राणा
जनपद उत्तरकाशी में पर्यटन आधारित स्वरोजगार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जिलाधिकारी प्रशांत आर्य की अध्यक्षता में शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्तरीय चयन समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। बैठक में विभिन्न पर्यटन एवं स्वरोजगार योजनाओं के तहत प्राप्त आवेदनों की विस्तृत समीक्षा करते हुए पात्र लाभार्थियों के चयन की प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया गया।
बैठक में दीन दयाल उपाध्याय गृह आवास (होम-स्टे) विकास योजना, वीरचन्द्र सिंह गढ़वाली पर्यटन स्वरोजगार योजना तथा ट्रैकिंग-ट्रैक्शन होम स्टे अनुदान योजना के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए प्राप्त आवेदनों पर बिंदुवार विचार-विमर्श किया गया।

जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने कहा कि पर्यटन क्षेत्र में स्वरोजगार की अपार संभावनाएं हैं और इन योजनाओं के माध्यम से अधिक से अधिक युवाओं को रोजगार से जोड़ा जाना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने बैंकों से अपेक्षा की कि पात्र आवेदकों को समयबद्ध एवं सकारात्मक सहयोग प्रदान किया जाए, ताकि योजनाओं का लाभ शीघ्र धरातल पर दिखाई दे।

होम-स्टे योजना के 26 आवेदनों की समीक्षा
दीन दयाल उपाध्याय गृह आवास (होम-स्टे) विकास योजना के तहत वर्ष 2026-27 के लिए निर्धारित 28 लक्ष्यों के सापेक्ष 26 नए आवेदन प्राप्त हुए, जिन पर समिति ने चयन एवं अग्रिम कार्रवाई की। इसके अलावा ईको सेंसिटिव जोन से संबंधित मामलों तथा बैंक परिवर्तन के लिए प्राप्त अनुरोधों पर भी विस्तृत चर्चा कर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए।

पर्यटन स्वरोजगार योजना में वाहन और गैर-वाहन दोनों श्रेणियों पर निर्णय
वीरचन्द्र सिंह गढ़वाली पर्यटन स्वरोजगार योजना के तहत कुल 20 लक्ष्यों के मुकाबले 16 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें वाहन मद के 4 और गैर-वाहन मद के 12 आवेदन शामिल हैं। समिति ने सभी आवेदनों का नियमानुसार परीक्षण करते हुए चयन प्रक्रिया पूरी की तथा बैंक परिवर्तन एवं ईको सेंसिटिव जोन से जुड़े मामलों पर भी निर्णय लिया।
ट्रैकिंग-ट्रैक्शन योजना में लक्ष्य से अधिक आवेदन
ट्रैकिंग-ट्रैक्शन होम स्टे अनुदान योजना के लिए निर्धारित 30 लक्ष्यों के सापेक्ष 32 आवेदन प्राप्त हुए। समिति ने सभी प्रस्तावों की समीक्षा कर पात्रता के आधार पर आगे की कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
डीएम का सख्त संदेश—पारदर्शिता से कोई समझौता नहीं
बैठक के दौरान जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि योजनाओं का लाभ केवल वास्तविक एवं पात्र लाभार्थियों तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि चयन प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी और शासन द्वारा निर्धारित मानकों के अनुरूप होनी चाहिए। किसी भी स्तर पर अनियमितता, लापरवाही या शिथिलता पाए जाने पर संबंधित अधिकारी के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।
होम-स्टे में अग्निशमन और पार्किंग व्यवस्था अनिवार्य
पर्यटकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि प्रत्येक होम-स्टे में अग्निशामक यंत्र अनिवार्य रूप से उपलब्ध हों। इसके साथ ही पार्किंग व्यवस्था और अन्य निर्धारित मानकों का भी कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए, ताकि उत्तरकाशी में आने वाले पर्यटकों को सुरक्षित एवं बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
उन्होंने कहा कि योजनाओं से संबंधित किसी भी जानकारी के लिए आवेदक जिला पर्यटन विकास अधिकारी से संपर्क कर सकते हैं। साथ ही किसी प्रकार की समस्या होने पर मुख्य विकास अधिकारी से भी संपर्क किया जा सकता है। जिलाधिकारी ने जिला पर्यटन विकास अधिकारी को आवेदकों के साथ बेहतर समन्वय बनाए रखने के निर्देश भी दिए।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी जय भारत सिंह, जिला पर्यटन विकास अधिकारी खुशल सिंह नेगी, लीड बैंक मैनेजर बी.एन. सिंह, डीडीएम नाबार्ड पारित गुप्ता सहित विभिन्न बैंकों के प्रतिनिधि एवं योजनाओं के लाभार्थी उपस्थित रहे।

