उत्तरकाशी।
रिपोर्ट महावीर सिंह राणा
दयारा बुग्याल ट्रेक क्षेत्र से लापता महिला ट्रेकर की तलाश के लिए खोज एवं बचाव अभियान लगातार युद्धस्तर पर जारी है। प्रशासन, पुलिस और विभिन्न रेस्क्यू एजेंसियां युवती की सुरक्षित बरामदगी के लिए हरसंभव प्रयास कर रही हैं।

पुलिस अधीक्षक उत्तरकाशी कमलेश उपाध्याय के निर्देशन में सोमवार को पुलिस उपाधीक्षक उत्तरकाशी जनक सिंह पंवार एवं पुलिस उपाधीक्षक बड़कोट चंचल शर्मा के नेतृत्व में व्यापक सर्च ऑपरेशन चलाया गया। तलाशी अभियान के लिए पुलिस, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, आईटीबीपी, वन विभाग, नेहरू पर्वतारोहण संस्थान (एनआईएम), आपदा प्रबंधन की क्यूआरटी, स्वान दल, एसओजी, स्थानीय ग्रामीणों एवं गाइडों की संयुक्त तीन टीमें गठित की गई हैं।
अभियान में 120 से अधिक सदस्य शामिल हैं, जो तीन अलग-अलग मार्गों से ट्रेक रूट, जंगलों, खाइयों, गदेरों, झाड़ियों तथा अन्य संभावित स्थानों पर सघन तलाशी अभियान चला रहे हैं। खोज कार्य में तीन ड्रोन टीमों की भी सहायता ली जा रही है।
इस बीच पूर्व ब्लॉक प्रमुख भटवाड़ी ने घटना को अत्यंत दुखद, संवेदनशील और चिंताजनक बताते हुए क्षेत्रवासियों से अफवाहों और अंधविश्वासों से दूर रहने की अपील की है। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों द्वारा युवती के लापता होने को “परियों द्वारा हरण” जैसी बातों से जोड़कर देखा जा रहा है, जो पूरी तरह तथ्यहीन और भ्रामक है।
उन्होंने कहा कि दयारा बुग्याल देवभूमि की आस्था, संस्कृति और देवी-देवताओं की पवित्र भूमि है, जहां सदियों से नाग देवता, सोमेश्वर देवता, मां जगत्मा नारायण देवता, राजा देवता और सर्पनाथ देवता सहित विभिन्न देवी-देवताओं की पूजा-अर्चना होती रही है। ऐसे में अफवाहों को बढ़ावा देना न केवल समाज को भ्रमित करता है, बल्कि विश्व प्रसिद्ध दयारा बुग्याल और पूरे क्षेत्र की छवि को भी प्रभावित करता है।

उन्होंने क्षेत्र के लोगों से प्रशासन का सहयोग करने, सकारात्मक सोच बनाए रखने और युवती की सुरक्षित वापसी के लिए प्रार्थना करने का आह्वान किया। साथ ही विश्वास जताया कि देवी-देवताओं के आशीर्वाद और प्रशासन के निरंतर प्रयासों से लापता बेटी जल्द सुरक्षित मिल जाएगी।
फिलहाल पूरे क्षेत्र की निगाहें सर्च ऑपरेशन पर टिकी हैं और प्रशासन लगातार अभियान की निगरानी कर रहा है।

