उत्तरकाशी
रिपोर्ट महावीर सिंह राणा
उत्तरकाशी में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और इंजीनियरिंग महासंघ के चल रहे धरना-प्रदर्शन को आज उस समय नई ताकत मिली जब उत्तराखंड क्रांति दल की केंद्रीय महामंत्री किरण रावत स्वयं प्रदर्शन स्थल पर पहुंचीं और कर्मचारियों के समर्थन में खुलकर सामने आईं।

धरना स्थल पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि वर्तमान में दिया जा रहा मानदेय बेहद कम है और यह उनके श्रम के साथ अन्याय है। उन्होंने मांग की कि उत्तराखंड में लागू न्यूनतम मानदेय तुरंत आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को दिया जाए।
सरकार पर तीखा प्रहार करते हुए रावत ने कहा कि मौजूदा सरकार कर्मचारियों के हितों और अधिकारों की रक्षा करने में पूरी तरह विफल साबित हुई है। उन्होंने कहा कि एक ओर कर्मचारी अपने हक के लिए सड़कों पर उतरने को मजबूर हैं, वहीं सरकार उनकी जायज मांगों को नजरअंदाज कर रही है।

इंजीनियरिंग महासंघ को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश के विकास की असली धुरी अभियंता हैं, और उनकी नाराजगी व हड़तालों से उत्तराखंड का विकास कार्य ठप पड़ रहा है। सरकार को चाहिए था कि समय रहते ठोस निर्णय लेकर इन समस्याओं का समाधान करती, लेकिन ऐसा नहीं किया गया।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार माफिया तंत्र की चिंता में उलझी हुई है, जबकि कर्मचारियों के लिए स्थायी और मजबूत व्यवस्था बनाने की कोई स्पष्ट नीति या दूरदर्शिता नहीं दिखाई दे रही है।
किरण रावत ने कहा कि उत्तराखंड के हितों की रक्षा के लिए क्षेत्रीय दलों को मजबूत करना जरूरी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि राष्ट्रीय दलों से प्रदेश को अपेक्षित लाभ नहीं मिल पा रहा है और अब समय आ गया है कि जनता एक मजबूत विकल्प चुने।

उन्होंने आश्वासन दिया कि कर्मचारियों की वर्तमान स्थिति में सुधार के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे और एक खुशहाल व व्यवस्थित उत्तराखंड के निर्माण की दिशा में काम किया जाएगा।
इस अवसर पर जिला उपाध्यक्ष जगत रमोला, पूर्व जिला अध्यक्ष विक्रम नेगी, प्रचार सचिव उपेंद्र राणा, जिला प्रवक्ता पंकज उनियाल, कृष्णानंद बडोनी, अरविंद बुटोला सहित कई पदाधिकारी मौजूद रहे।

