वीरपुर की महिला बुनकरों को मिली आधुनिक ट्रेनिंग,आत्मनिर्भरता की ओर बढ़े कदम

उत्तरकाशी
रिपोर्ट महावीर सिंह राणा
उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले के डुंडा विकासखंड स्थित वीरपुर गांव में महिला बुनकरों को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। ऊन प्रसंस्करण और आधुनिक डिजाइन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से यहां पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया, जिसमें गांव की महिलाओं ने उत्साह के साथ भाग लिया।


यह प्रशिक्षण कार्यक्रम मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami के दिशा-निर्देशों में तथा United Nations Development Programme और एक स्वयंसेवी संस्था के सहयोग से आयोजित किया गया।
प्रशिक्षण के दौरान महिलाओं को प्राकृतिक संसाधनों से नेचुरल रंग तैयार करने की आधुनिक तकनीक सिखाई गई। इसमें जड़ी-बूटियों, अखरोट के छिलके, प्याज के छिलके, हल्दी, अनार और कंडाली जैसी स्थानीय वस्तुओं से रंग बनाने और उनके सही मिश्रण की बारीकियों की जानकारी दी गई।

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साथ ही प्रशिक्षुओं को यह भी बताया गया कि पारंपरिक ऊनी उत्पादों को आधुनिक डिजाइन और आकर्षक रंगों के साथ बाजार की मांग के अनुरूप कैसे तैयार किया जाए, ताकि उनकी बिक्री और आय दोनों में वृद्धि हो सके।
उल्लेखनीय है कि वीरपुर गांव के 300 से अधिक परिवार ऊनी कार्य से जुड़े हुए हैं। यहां तैयार टोपी, जुराब, मफलर, पंखी और शॉल जैसे उत्पाद न केवल उत्तराखंड बल्कि देश के विभिन्न हिस्सों में भेजे जाते हैं, जहां इनकी अच्छी मांग बनी हुई है।

प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद महिलाओं में नया उत्साह देखने को मिल रहा है। उन्हें उम्मीद है कि आधुनिक तकनीकों के उपयोग से वे अपने उत्पादों को और अधिक आकर्षक बना सकेंगी, जिससे बाजार में उनकी मांग बढ़ेगी और उन्हें बेहतर आय प्राप्त होगी।

यह पहल न केवल पारंपरिक हस्तशिल्प को नया आयाम दे रही है, बल्कि ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी एक मजबूत कदम साबित हो रही है।

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