देहरादून।
रिपोर्ट महावीर सिंह राणा
उत्तराखंड में मानसून की सक्रियता बढ़ने के साथ ही गढ़वाल मंडल का प्रशासन पूरी तरह हाई अलर्ट पर आ गया है। चारधाम यात्रा के बीच संभावित आपदाओं से श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन ने व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। गढ़वाल आयुक्त आनंद स्वरूप के नेतृत्व में सभी जिलों में समन्वित रणनीति के तहत आपदा प्रबंधन तंत्र को मजबूत किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के अनुरूप चारधाम यात्रा को सुरक्षित और सुचारु बनाए रखना प्रशासन की सबसे बड़ी प्राथमिकता है। इसी के तहत मानसून शुरू होने से पहले प्रत्येक जनपद में मॉक ड्रिल आयोजित की जा रही हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति में राहत और बचाव दल बिना देरी के प्रभावी कार्रवाई कर सकें।
गढ़वाल आयुक्त आनंद स्वरूप ने बताया कि इन अभ्यासों के जरिए पुलिस, एसडीआरएफ, स्वास्थ्य, लोक निर्माण, विद्युत, पेयजल और अन्य विभागों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित किया जा रहा है। साथ ही यह भी परखा जा रहा है कि आपदा आने पर किस विभाग की क्या भूमिका होगी और कितनी तेजी से राहत कार्य शुरू किए जा सकते हैं।
प्रशासन ने चारधाम यात्रा मार्गों पर भूस्खलन संभावित क्षेत्रों, नदी-नालों और अन्य संवेदनशील स्थानों की विशेष निगरानी के निर्देश दिए हैं। आवश्यक मशीनरी, उपकरण और मानव संसाधन पहले से ही तैयार रखे जा रहे हैं ताकि किसी भी चुनौती का तुरंत सामना किया जा सके।
आयुक्त ने श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों से अपील की है कि वे मौसम विभाग की चेतावनियों और प्रशासन द्वारा जारी एडवाइजरी का पालन करें तथा खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें। प्रशासन का कहना है कि मानसून के पूरे सीजन में हालात पर 24 घंटे नजर रखी जाएगी और किसी भी आपदा की स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

