उत्तरकाशी। सीमांत क्षेत्र भटवाड़ी में लंबे समय से चली आ रही राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (ITI) केंद्र खोलने की मांग को अब सरकार की ओर से सकारात्मक संकेत मिले हैं। क्षेत्र की इस महत्वपूर्ण मांग को लेकर पूर्व ब्लॉक प्रमुख भटवाड़ी विनीता रावत ने उत्तराखंड सरकार के पशुपालन एवं मत्स्य पालन तथा कौशल विकास मंत्री सौरभ बहुगुणा से मुलाकात कर उन्हें पत्र सौंपा और भटवाड़ी क्षेत्र में आईटीआई केंद्र की आवश्यकता से अवगत कराया।
विनीता रावत ने मंत्री के समक्ष क्षेत्र की भौगोलिक परिस्थितियों और युवाओं की परेशानियों को प्रमुखता से रखते हुए बताया कि मुखवा, धराली, हर्षिल, जसपुर, झाला, पुराली, बगोरी, सुक्की, उपला टकनौर सहित भटवाड़ी क्षेत्र के दूरस्थ गांवों से उत्तरकाशी स्थित आईटीआई की दूरी करीब 80 से 90 किलोमीटर तक है। पहाड़ी और विषम भौगोलिक परिस्थितियों के चलते इतनी लंबी दूरी तय करना स्थानीय युवाओं के लिए आसान नहीं है। इसका सीधा असर युवाओं के तकनीकी प्रशिक्षण और रोजगार के अवसरों पर पड़ रहा है।

मंत्री ने दिए आवश्यक कार्रवाई के निर्देश
क्षेत्र की समस्या को गंभीरता से लेते हुए मंत्री सौरभ बहुगुणा ने मामले को संज्ञान में लेते हुए सचिव सी. रविशंकर को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। सचिव की ओर से भी क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति और आईटीआई की आवश्यकता को देखते हुए संबंधित निदेशक को मामले की रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
सरकार के स्तर से हुई इस कार्रवाई के बाद भटवाड़ी क्षेत्र में आईटीआई केंद्र खुलने की उम्मीद को बल मिला है।
यदि यहां आईटीआई की स्थापना होती है तो सीमांत क्षेत्र के युवाओं को अपने ही क्षेत्र में तकनीकी शिक्षा, कौशल प्रशिक्षण और रोजगारपरक पाठ्यक्रमों का लाभ मिल सकेगा।

स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए रास्ते खुलने की उम्मीद
भटवाड़ी जैसे सीमांत और दूरस्थ क्षेत्र में आईटीआई केंद्र की स्थापना केवल तकनीकी शिक्षा तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि इससे स्थानीय युवाओं को स्वरोजगार और रोजगार के नए अवसर भी मिल सकते हैं। क्षेत्रवासियों का कहना है कि लंबे समय से चली आ रही इस मांग पर शासन स्तर से पहल शुरू होना स्वागतयोग्य कदम है।
अब क्षेत्रीय लोगों और युवाओं की निगाहें सरकार के अगले कदम पर टिकी हैं। रिपोर्ट प्रस्तुत होने के बाद भटवाड़ी में आईटीआई केंद्र की स्थापना को लेकर जल्द ठोस निर्णय होने की उम्मीद जताई जा रही है।

