उत्तरकाशी। पशुपालन को स्वरोजगार और ग्रामीण अर्थव्यवस्था का मजबूत आधार बनाने के उद्देश्य से पशुपालन विभाग, उत्तरकाशी की ओर से पशुपालकों के हित में विभिन्न महत्वपूर्ण योजनाएं एवं कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। इन योजनाओं के माध्यम से पशुधन के स्वास्थ्य संरक्षण से लेकर नस्ल सुधार, चारा उत्पादन, पशुपालन व्यवसाय और रोजगार के अवसरों को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
विभाग की ओर से पशु चिकित्सा, बधियाकरण, गौवंशीय एवं महिषवंशीय पशुओं का खुरपका-मुंहपका रोग से बचाव के लिए टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है। वहीं गौवंशीय एवं महिषवंशीय पशुओं में नस्ल सुधार के लिए उच्च गुणवत्ता के सीमेन एवं सेक्स सॉर्टेड सीमेन के माध्यम से कृत्रिम गर्भाधान की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।

पशुपालकों को मिलेगा चारा उत्पादन में सहयोग
पशुओं के लिए पर्याप्त एवं पौष्टिक चारे की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए विभागीय संस्थाओं के माध्यम से वर्ष में दो बार चारा बीज का निःशुल्क वितरण किए जाने की व्यवस्था है। इससे पशुपालकों को चारे की समस्या से राहत मिलने के साथ पशुओं के बेहतर पोषण में भी मदद मिलेगी।
रोजगारपरक योजनाओं से स्वरोजगार को बढ़ावा
पशुपालन विभाग की रोजगारपरक योजनाओं के तहत ब्रायलर फार्म खोलने अथवा क्षमता विस्तार के लिए पात्र लाभार्थियों को पक्षी क्रय एवं बाजरा निर्माण हेतु ₹60,000 तक की सहायता उपलब्ध कराने की योजना है।
इसके साथ ही अनुसूचित जाति के लाभार्थियों के लिए 50 चूजों का निःशुल्क वितरण किए जाने का प्रावधान है। राज्य सेक्टर योजना के अंतर्गत निर्धारित लाभार्थी अंश के अनुसार अनुसूचित जाति के लिए गाय, बकरी एवं भेड़ पालन को प्रोत्साहित किया जा रहा है, जबकि सामान्य वर्ग के लिए भी बकरी पालन योजना का क्रियान्वयन किया जा रहा है।

बकरी पालन को मिलेगा नया आयाम
गोट वैली योजना के अंतर्गत चिन्हित क्षेत्रों में बकरी पालन व्यवसाय को लाभप्रद बनाने के लिए NCDC एवं जिला योजना के माध्यम से 20+1 संख्या की यूनिटों की स्थापना का प्रावधान किया गया है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालन आधारित स्वरोजगार को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।
वहीं पशुपालकों की आकस्मिक आर्थिक जरूरतों को पूरा करने के लिए पशुपालक किसान क्रेडिट कार्ड की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है।
निराश्रित गोवंश के संरक्षण पर भी जोर
योजना के तहत पांच निराश्रित नर गोवंश को शरण देने वाले पशुपालकों को ग्राम्य गौसेवक योजना के माध्यम से शासन द्वारा निर्धारित मानदेय का भुगतान किए जाने का प्रावधान है। इससे निराश्रित गोवंश के संरक्षण के साथ ग्रामीण स्तर पर सहभागिता को भी बढ़ावा मिलेगा।
पशुपालन विभाग की अपील: जनपद के पशुपालक इन योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाएं और पशुपालन को आय एवं स्वरोजगार का मजबूत माध्यम बनाएं। योजनाओं की विस्तृत जानकारी एवं आवेदन प्रक्रिया के लिए अपने निकटतम पशु चिकित्सालय अथवा पशु सेवा केंद्र से संपर्क किया जा सकता है।
मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी, उत्तरकाशी | मुख्य विकास अधिकारी, उत्तरकाशी | जिलाधिकारी, उत्तरकाशी
विशेष प्रचार संदेश: “स्वस्थ पशुधन—समृद्ध पशुपालक, मजबूत ग्रामीण अर्थव्यवस्था।” पशुपालन विभाग की योजनाओं का लाभ उठाएं और पशुपालन को स्वरोजगार का आधार बनाएं।

