पहाड़ी खानपान और संस्कृति का स्वाद Indian Culinary Society के दीपावली शेफ्स मिलन समारोह में सजेगी उत्तराखंड के पारंपरिक व्यंजनों की महफिल, 200 से 300 भारतीय शेफ और अतिथि होंगे शामिल

गंगोत्री एक्सप्रेस | विशेष संवाददाता
नीदरलैंड। देवभूमि उत्तराखंड का पारंपरिक स्वाद अब सात समंदर पार नीदरलैंड में अपनी पहचान बनाने जा रहा है। विदेश की धरती पर उत्तराखंड की लोक संस्कृति, पहाड़ी खानपान और भारतीय शेफ्स की एकजुटता का अनूठा संगम देखने को मिलेगा।

Indian Culinary Society के तत्वावधान में आयोजित होने वाले इंडियन दीपावली शेफ्स मिलन समारोह-2026 में इस बार उत्तराखंड के पारंपरिक व्यंजन विशेष आकर्षण का केंद्र रहेंगे।


इस आयोजन में भारतीय हॉस्पिटैलिटी इंडस्ट्री में अपनी सेवाएं दे रहे उत्तराखंड के शेफ विशेष रूप से प्रतिभाग करेंगे। समारोह के माध्यम से न केवल भारतीय खानपान की विविधता को प्रदर्शित किया जाएगा, बल्कि देवभूमि के पारंपरिक व्यंजनों को अंतरराष्ट्रीय मंच पर पहचान दिलाने की भी पहल की जाएगी।

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जख्या आलू से मंडुवे के पकौड़ों तक, विदेश में महकेगा पहाड़ का स्वाद

समारोह की सबसे खास बात उत्तराखंड के पारंपरिक पहाड़ी व्यंजनों की विशेष प्रस्तुति होगी।

इसमें जख्या आलू, पहाड़ी लाल चावल, भंगजीरे की चटनी, मंडुवे के चिप्स और प्याज के मंडुवे के पकौड़े जैसे पारंपरिक व्यंजन मेहमानों को पहाड़ के असली स्वाद से रूबरू कराएंगे।

भारतीय हॉस्पिटैलिटी इंडस्ट्री में लंबे समय से सेवाएं दे रहे शेफ टीकाराम सिंह ने बताया कि इस आयोजन में उत्तराखंड के पारंपरिक खानपान को विशेष स्थान दिया गया है। उनका उद्देश्य पहाड़ के पारंपरिक स्वाद और खानपान की विरासत को विदेशों में भी पहचान दिलाना है।

उत्तराखंड के शेफ्स निभाएंगे अहम भूमिका

इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में शेफ पृथ्वी राणा, शेफ टीकाराम सिंह, शेफ आलम सिंह नेगी, शेफ त्रिलोक सिंह नेगी, शेफ हिमालय सिंह रावत, शेफ धर्म सिंह नेगी, शेफ महिपाल सिंह राणा सहित कई अन्य शेफ और सहयोगी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
आयोजकों के अनुसार, समारोह के लिए लगभग 200 से 300 भारतीय शेफ और अन्य आमंत्रित अतिथियों को निमंत्रण दिया गया है। सभी प्रतिभागी एक मंच और एक बैनर के नीचे एकत्रित होकर भारतीय खानपान, सांस्कृतिक विरासत और संगीत का आनंद लेंगे।
विदेश में भारतीयता और पहाड़ी संस्कृति का संगम

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यह आयोजन महज शेफ्स का मिलन समारोह नहीं, बल्कि विदेशों में भारतीय संस्कृति और खानपान की पहचान को मजबूत करने की एक महत्वपूर्ण पहल है। खासतौर पर उत्तराखंड के पारंपरिक व्यंजनों को अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत करना पहाड़ की समृद्ध खाद्य परंपरा को नई पहचान दिलाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

गंगोत्री एक्सप्रेस की विशेष नजर सात समंदर पार जब जख्या की खुशबू, भंगजीरे की चटनी का स्वाद और मंडुवे के पकवानों की महक पहुंचेगी, तो यह केवल खानपान का उत्सव नहीं होगा, बल्कि अपनी मिट्टी, अपनी जड़ों और देवभूमि की संस्कृति से जुड़ने का एक खूबसूरत अवसर भी बनेगा।


विदेश की धरती पर पहाड़ का स्वाद, देवभूमि की संस्कृति का सम्मान और भारतीय शेफ्स की एकजुटता—नीदरलैंड का यह आयोजन उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान को वैश्विक मंच पर नई पहचान देने की दिशा में खास साबित होगा।

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