उत्तरकाशी में पिछले दो दिनों से बिगड़े मौसम, डिप्रेशन, बारिश और बर्फबारी के चलते यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन ने एहतियातन यात्रा को अस्थायी रूप से रोकने का निर्णय लिया था। लेकिन प्रशासन की तत्परता और सीमा सड़क संगठन (BRO) की मुस्तैदी से अब यात्रा मार्ग को दुरुस्त कर यातायात एवं यात्रा को फिर से सुचारू रूप से बहाल कर दिया गया है।

इस संबंध में जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने महत्वपूर्ण जानकारी साझा करते हुए बताया कि यात्रियों की सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। मौसम की परिस्थितियों पर लगातार नजर रखी जा रही है और जरूरत के अनुसार सुरक्षा संबंधी निर्णय लिए जा रहे हैं।
शीतकालीन यात्रा को लेकर प्रशासन अलर्ट, कमिश्नर स्तर पर निगरानी
जिलाधिकारी ने बताया कि आगामी शीतकालीन यात्रा को लेकर प्रशासन पूरी तरह गंभीर है। चारों धामों के शीतकालीन प्रवास स्थलों पर श्रद्धालुओं के लिए आवश्यक सुविधाएं, व्यवस्थाएं और संभावित चुनौतियों की समीक्षा की जा रही है। इसके लिए कमिश्नर स्तर पर भी सीधे निगरानी रखी जा रही है। सभी संबंधित विभागों को अपनी तैयारियां समयबद्ध तरीके से पूरी करने के लिए सक्रिय किया गया है।
रिकॉर्ड श्रद्धालुओं के पहुंचने पर जताया आभार
इस वर्ष की यात्रा को सफल बताते हुए जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने कहा कि इस बार रिकॉर्ड संख्या में श्रद्धालुओं ने उत्तरकाशी पहुंचकर बाबा के धामों में दर्शन किए। यात्रा के सफल एवं सुचारू संचालन में प्रशासनिक अधिकारियों, कर्मचारियों, सड़क निर्माण एजेंसियों, BRO और मीडिया की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
उन्होंने मीडिया का विशेष आभार जताते हुए कहा कि सकारात्मक और जिम्मेदार मीडिया कवरेज से देशभर के श्रद्धालुओं में सुरक्षा का विश्वास मजबूत हुआ और बड़ी संख्या में लोग यात्रा के लिए पहुंचे।
धार्मिक पर्यटन के साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मिला बल
जिलाधिकारी के अनुसार यात्रा से न केवल उत्तरकाशी की धार्मिक पहचान और स्थानीय संस्कृति को मजबूती मिली है, बल्कि स्थानीय बाजारों, होमस्टे संचालकों, होटल व्यवसायियों और पर्यटन से जुड़े लोगों को भी बड़ा लाभ मिला है।
जिलाधिकारी का स्पष्ट संदेश है कि यात्रियों की सुरक्षा, बेहतर व्यवस्थाएं और आगामी शीतकालीन यात्रा की सफल तैयारी प्रशासन की प्राथमिकता है। मौसम की हर चुनौती के बीच प्रशासन और संबंधित एजेंसियां पूरी मुस्तैदी से कार्य कर रही हैं।

