उत्तरकाशी
रिपोर्ट महावीर सिंह राणा
उत्तरकाशी के मुखिम रेंज अंतर्गत क्षेत्र के मकरती टॉप से दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। यहां किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा लगाई गई आग ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया और कई हेक्टेयर हरे-भरे जंगल को राख में बदल दिया।
चीड़ के पेड़ों से घिरे इस जंगल में सूखे पत्तों (पिरुल) ने आग को ऐसा ईंधन दिया कि लपटें तेजी से कई किलोमीटर तक फैल गईं। शाम के समय लगी आग अब बेकाबू होती जा रही है और पूरा इलाका धुएं और आग की चपेट में है।
🐾 जलते जंगल, तड़पते जीव-जंतु
इस आग ने सिर्फ पेड़ों को ही नहीं, बल्कि जंगल में रहने वाले मासूम जीव-जंतुओं का भी घर उजाड़ दिया। छोटे-छोटे पौधे, घोंसले और अनगिनत जीव इस आग में झुलस गए। जंगल की हरियाली के साथ जीवन भी राख हो रहा है।
👨🚒 टीम पहुंची, लेकिन आग बेकाबू
वन विभाग की 6 सदस्यीय टीम मौके पर पहुंची, लेकिन आग की भयावहता के सामने प्रयास नाकाफी साबित हो रहे हैं। लगातार फैलती आग प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन चुकी है।
⚠️ सबसे बड़ा सवाल – कब रुकेगी ये लापरवाही?
स्थानीय लोगों का कहना है कि अक्सर इंसानी लापरवाही या जानबूझकर लगाई गई आग ही ऐसे हादसों की वजह बनती है।
👉 याद रखें:
जंगल में लगाई गई एक छोटी सी आग…
👉 हजारों पेड़ खत्म कर देती है
👉 सैकड़ों जीवों की जान ले लेती है
👉 और पर्यावरण को वर्षों तक नुकसान पहुंचाती है
🌍 गंगोत्री न्यूज़ एक्सप्रेस की अपील – जिम्मेदार बनें
जंगल हमारी धरोहर हैं, इन्हें बचाना हम सबकी जिम्मेदारी है।
कृपया जंगलों में आग न लगाएं, न लगाने दें।
👉 आज की यह खबर सिर्फ सूचना नहीं, बल्कि चेतावनी है।
अगर अब भी नहीं संभले… तो आने वाली पीढ़ियों के लिए कुछ नहीं बचेगा।

