उत्तरकाशी में पर्यटन विकास को नई रफ्तार!

उत्तरकाशी की प्राकृतिक धरोहर नचिकेताताल को पर्यटन के नए आकर्षण के रूप में विकसित करने की दिशा में प्रशासन ने कदम तेज कर दिए हैं। जिलाधिकारी प्रशांत आर्य के निर्देशन में नचिकेताताल के समग्र कायाकल्प, पर्यटक सुविधाओं के विस्तार और ईकोटूरिज्म विकास की कार्ययोजना पर तेजी से काम किया जा रहा है।

झील के चारों ओर फुटपाथ और मजबूत रेलिंग का निर्माण पर्यटकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कराया जा रहा है।
 देवदार और बांज-बुरांश के जंगलों के बीच बसी है प्रकृति की अनमोल धरोहर
जनपद मुख्यालय उत्तरकाशी से लगभग 29 किलोमीटर दूर चौरंगीखाल कस्बे से करीब 3 किलोमीटर पैदल मार्ग पर स्थित नचिकेताताल अपनी प्राकृतिक सुंदरता, पौराणिक महत्त्व और शांत वातावरण के लिए जाना जाता है। समुद्र तल से लगभग 2,453 मीटर की ऊंचाई पर स्थित यह प्राकृतिक जलाशय सघन वन क्षेत्र से घिरा हुआ है।
बांज, बुरांश, खर्सू, मोरू, रई, मुरेंड और देवदार के पेड़ों से घिरा यह ताल प्रकृति प्रेमियों, श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए विशेष आकर्षण रखता है।


ताल की लंबाई लगभग 200 मीटर, चौड़ाई 30 मीटर और गहराई करीब 7 मीटर बताई गई है। प्राकृतिक स्रोतों से सिंचित इस जलाशय के प्रति आसपास के ग्रामीणों की गहरी आस्था भी जुड़ी हुई है।
 नचिकेताताल के साथ आसपास के पर्यटन स्थलों को भी मिलेगी पहचान
जिलाधिकारी प्रशांत आर्य के निर्देशन में संबंधित विभागों को नचिकेताताल के आसपास स्थित अन्य प्राकृतिक एवं रमणीक स्थलों का प्रचार-प्रसार बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।
इसके अंतर्गत काणाताल, यमगुफा और खाल बुग्याल जैसे अपेक्षाकृत कम चर्चित स्थलों की जानकारी पर्यटकों तक पहुंचाने पर जोर दिया जा रहा है।

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प्रशासन की इस पहल का उद्देश्य क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों को प्रोत्साहित करना, पर्यटकों के ठहराव की अवधि बढ़ाने की संभावनाओं को मजबूत करना और स्थानीय स्तर पर पर्यटन आधारित आजीविका के अवसरों को बढ़ावा देना है।
📊 पर्यटन के आंकड़े बता रहे क्षेत्र की संभावनाएं
वित्तीय वर्ष 2025–26 में नचिकेताताल क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों से जुड़े आंकड़े इस प्रकार हैं:
🔹 भारतीय पर्यटक: 2,379
🔹 विदेशी पर्यटक: 38
🔹 कुल पर्यटक: 2,417
🔹 राजकीय कोष में प्राप्त राजस्व: ₹1,22,850
ये आंकड़े क्षेत्र में पर्यटन की संभावनाओं को रेखांकित करते हैं। बेहतर सुविधाओं, व्यवस्थित प्रचार-प्रसार और सुरक्षित पहुंच के माध्यम से यहां पर्यटन गतिविधियों को और प्रोत्साहित किया जा सकता है।
 पर्यटकों की सुरक्षा के लिए झील के चारों ओर बन रही फुटपाथ और रेलिंग

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नचिकेताताल के विकास के लिए पर्यटन विभाग की तीन वर्षीय स्वीकृत ईकोटूरिज्म विकास योजना के अंतर्गत कार्य किए जा रहे हैं।
वित्तीय वर्ष 2025–26 में उपलब्ध धनराशि से विभिन्न जनोपयोगी एवं बुनियादी सुविधाओं से जुड़े कार्य कराए गए। वहीं, वित्तीय वर्ष 2026–27 में झील की परिधि के चारों ओर फुटपाथ और मजबूत रेलिंग का निर्माण कार्य तेजी से संचालित किया जा रहा है।
इससे ताल परिसर में पर्यटकों की आवाजाही को अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
 विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण पर भी रहेगा जोर
नचिकेताताल जैसे संवेदनशील प्राकृतिक क्षेत्र में पर्यटन विकास के साथ पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखना भी महत्त्वपूर्ण है। प्रशासन की ओर से पर्यटन गतिविधियों को सुदृढ़ करने के साथ पारिस्थितिक संतुलन पर विशेष ध्यान देने पर जोर दिया जा रहा है।
जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सभी निर्माण कार्यों में गुणवत्ता, पारदर्शिता और निर्धारित समय-सीमा का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए।
प्रशासन का लक्ष्य है कि चौरंगीखाल से नचिकेताताल तक पहुंचने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को सुरक्षित, सुगम और बेहतर अनुभव मिल सके।
स्थानीय पर्यटन को मिलेगी नई पहचान, रोजगार की संभावनाओं को लग सकते हैं पंख
नचिकेताताल का व्यवस्थित विकास उत्तरकाशी के पर्यटन मानचित्र पर इस क्षेत्र की पहचान को मजबूत करने की दिशा में महत्त्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है। आसपास के प्राकृतिक स्थलों का प्रचार-प्रसार, बेहतर बुनियादी सुविधाएं और पर्यावरण के अनुकूल पर्यटन गतिविधियां स्थानीय लोगों के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार की संभावनाएं बढ़ा सकती हैं।
प्राकृतिक सुंदरता, पौराणिक आस्था और ईकोटूरिज्म की संभावनाओं से समृद्ध नचिकेताताल को बेहतर पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की दिशा में चल रहे ये प्रयास क्षेत्र के लिए नई उम्मीद लेकर आए हैं।

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