उत्तरकाशी
रिपोर्ट: महावीर सिंह राणा
जनता की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए डुण्डा ब्लॉक प्रमुख राजदीप सिंह परमार ने ऐसा ताबड़तोड़ एक्शन लिया कि पशु चिकित्सालय में हड़कंप मच गया। लगातार मिल रही शिकायतों के बाद प्रमुख बिना सूचना के सीधे राजकीय पशु चिकित्सालय, डुण्डा पहुंच गए। निरीक्षण के दौरान पशु चिकित्साधिकारी डॉ. चेतना अस्पताल से नदारद मिलीं। अभिलेखों की जांच में भी कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं, जिसके बाद प्रमुख ने मौके पर ही सख्त रुख अपनाते हुए स्पष्टीकरण तलब करने और जांच पूरी होने तक वेतन रोकने के निर्देश दे दिए।

डुण्डा ब्लॉक प्रमुख राजदीप सिंह परमार ने राजकीय पशु चिकित्सालय का औचक निरीक्षण किया। क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों की लगातार शिकायतों के बाद पहुंचे प्रमुख को अस्पताल में पशु चिकित्साधिकारी डॉ. चेतना अनुपस्थित मिलीं। अभिलेखों के अनुसार पिछले महीने केवल 13 दिनों की उपस्थिति दर्ज थी, जबकि कर्मचारियों और स्थानीय लोगों का कहना था कि डॉक्टर पूरे महीने में केवल एक दिन अस्पताल आई थीं।
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी (CVO) से जानकारी लेने पर पता चला कि डॉ. चेतना बिना पूर्व अनुमति या स्वीकृत अवकाश के अनुपस्थित हैं। मामले को गंभीर मानते हुए ब्लॉक प्रमुख ने तत्काल स्पष्टीकरण मांगने और जांच पूरी होने तक वेतन रोकने के निर्देश दिए। उन्होंने साफ कहा कि जनता से जुड़े विभागों में लापरवाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई होगी।
“जनता के बीच सक्रिय नेता हो तो ऐसा… शिकायत मिली और सीधे अस्पताल पहुंचकर लिया ताबड़तोड़ एक्शन।”

