डुण्डा ब्लॉक में टेंडर प्रक्रिया पर बवाल: 70 प्रधानों एक ही ठेकेदार को निविदा का किया विरोध

उत्तरकाशी
रिपोर्ट: महावीर सिंह राणा
डुंडा विकासखंड में प्रस्तावित 2 मई की बैठक से पहले ही टेंडर प्रक्रिया को लेकर ग्राम प्रधानों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। बुधवार  को प्रधान संगठन डुण्डा की एक अहम बैठक आयोजित की गई, जिसमें बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया और विकासखंड स्तर पर चल रही टेंडर प्रक्रिया का खुलकर विरोध किया।

बैठक की अध्यक्षता प्रधान संगठन के अध्यक्ष विनोद पडियार ने की, जबकि संचालन महामंत्री जितेन्द्र पोखरियाल द्वारा किया गया। बैठक में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर 2 मई को प्रस्तावित बैठक के बहिष्कार का निर्णय लिया गया।
प्रधानों का आरोप: एक ठेकेदार से बढ़ेंगी दिक्कतें
प्रधानों का कहना है कि पूरे विकासखंड के लिए एक ही ठेकेदार का चयन किया जाना व्यवहारिक नहीं है। डुण्डा ब्लॉक की भौगोलिक परिस्थितियां कठिन हैं और यहां 103 गांव दूर-दराज इलाकों में बसे हैं। ऐसे में एक ही ठेकेदार द्वारा सभी स्थानों पर सामग्री पहुंचाना न केवल मुश्किल होगा बल्कि परिवहन लागत भी बढ़ेगी।
प्रधानों ने आशंका जताई कि इस प्रक्रिया में पारदर्शिता के नाम पर अनियमितताओं और भ्रष्टाचार की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। उनका साफ कहना है कि पहले की तरह क्षेत्रवार वेंडर प्रणाली ही लागू रहनी चाहिए।
✍️ 70 प्रधानों ने सौंपा ज्ञापन
बैठक के बाद करीब 70 ग्राम प्रधानों ने सामूहिक रूप से हस्ताक्षर कर खंड विकास अधिकारी (BDO) के नाम ज्ञापन सौंपा और टेंडर प्रक्रिया पर पुनर्विचार की मांग की।
🏢 प्रशासन का पक्ष: ऑडिट आपत्तियों के बाद लिया गया फैसला
वहीं खंड विकास अधिकारी। डुण्डा दिनेश चंद जोशी का कहना है कि पिछले वर्ष महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के ऑडिट में कई खामियां सामने आई थीं। सीजी ऑडिट और जिला स्तर से प्राप्त निर्देशों के आधार पर इस वर्ष टेंडर प्रक्रिया को लागू किया गया है, ताकि पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जा सके।
आंदोलन की चेतावनी
प्रधान संगठन ने साफ संकेत दिए हैं कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो वे उग्र आंदोलन का रास्ता अपना सकते हैं।
एक तरफ पारदर्शिता बनाम व्यवहारिकता की लड़ाई
दूसरी तरफ मनरेगा में अनियमितताओं पर लगाम लगाने की कोशिश
अब सवाल: क्या एक ठेकेदार मॉडल सही समाधान है या नई समस्या?

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