नई टिहरी,
रिपोर्ट महावीर सिंह राणा
भारतीय निशानेबाजी जगत से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। देश के महान निशानेबाज, पद्मश्री एवं अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित उत्तराखंड के गौरव जसपाल राणा का 49 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उनके आकस्मिक निधन की खबर से उत्तराखंड सहित पूरे देश और अंतरराष्ट्रीय खेल जगत में शोक की लहर दौड़ गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार जसपाल राणा जर्मनी से भारत लौट रहे थे। उनके निधन को भारतीय खेल इतिहास की एक अपूरणीय क्षति माना जा रहा है।
टिहरी जनपद के जौनपुर ब्लॉक स्थित भाल गांव के निवासी जसपाल राणा देश के सबसे सफल निशानेबाजों में गिने जाते थे। खेल क्षेत्र में उनके असाधारण योगदान के लिए उन्हें वर्ष 2002 में पद्मश्री सम्मान से नवाजा गया था। इसके अलावा उन्हें प्रतिष्ठित अर्जुन पुरस्कार भी प्राप्त हुआ था।
जसपाल राणा को निशानेबाजी की प्रारंभिक शिक्षा उनके पिता नारायण सिंह राणा से मिली, जो बीएसएफ के अधिकारी रह चुके थे। उन्होंने मात्र 12 वर्ष की आयु में अहमदाबाद में आयोजित 31वीं राष्ट्रीय शूटिंग चैंपियनशिप से अपने करियर की शुरुआत की थी और पहले ही बड़े मुकाबले में रजत पदक जीतकर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया था।
वर्ष 1994 में आयोजित 46वीं विश्व शूटिंग चैंपियनशिप के जूनियर वर्ग की स्टैंडर्ड पिस्टल स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतकर उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का नाम रोशन किया। यह उपलब्धि उनके खेल जीवन की सबसे बड़ी सफलताओं में शामिल रही।
अपने शानदार करियर में जसपाल राणा ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में 600 से अधिक पदक जीतकर देश को गौरवान्वित किया। एक उत्कृष्ट खिलाड़ी होने के साथ-साथ वह प्रशिक्षक, मार्गदर्शक और युवा खिलाड़ियों के प्रेरणास्रोत भी रहे।
उनके निधन से उत्तराखंड ने अपना एक गौरवशाली सपूत खो दिया है, जबकि भारतीय खेल जगत ने एक ऐसी महान हस्ती को खोया है जिसने अपने समर्पण, अनुशासन और प्रतिभा से देश को अनेक गौरवपूर्ण क्षण दिए।
गंगोत्री से लेकर टिहरी और पूरे उत्तराखंड में शोक की लहर है। खेल प्रेमी, खिलाड़ी और विभिन्न सामाजिक-राजनीतिक संगठनों ने जसपाल राणा के निधन पर गहरा दुःख व्यक्त करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की है।
निशानेबाजी जगत को बड़ा झटका, उत्तराखंड के गौरव जसपाल राणा का निधन

