उत्तरकाशी: सीमांत क्षेत्र में भालुओं का आतंक, ग्रामीणों में दहशत वन विभाग पर लापरवाही के आरोप

उत्तरकाशी
रिपोर्ट: महावीर सिंह राणा
उत्तरकाशी जनपद के सीमांत क्षेत्र में इन दिनों जंगली जानवरों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। खासकर किशनपुर गांव और आसपास के इलाकों में भालुओं की बढ़ती गतिविधियों ने ग्रामीणों की नींद उड़ा दी है।
ग्रामीणों के अनुसार, बीते कुछ दिनों में भालुओं ने कई गौशालाओं (छान) को तोड़कर मवेशियों गाय, बछड़ा और बैल को अपना शिकार बनाया है। इससे स्थानीय लोगों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है, साथ ही क्षेत्र में भय का माहौल बना हुआ है।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि गांवों से हो रहे पलायन के चलते जंगली जानवर अब आबादी वाले क्षेत्रों की ओर रुख कर रहे हैं। पहले जहां तेंदुओं का आतंक देखने को मिलता था, वहीं अब भालू भी गांवों में घुसकर हमला कर रहे हैं।
इस गंभीर स्थिति को देखते हुए किशनपुर के क्षेत्र पंचायत सदस्य शुभम मराठा के नेतृत्व में ग्रामीणों ने क्षेत्रीय वन विभाग कार्यालय पहुंचकर विरोध जताया। उन्होंने क्षेत्रीय वनाधिकारी गोविंद सिंह पंवार को ज्ञापन सौंपते हुए मांग की कि क्षेत्र में नियमित गश्त बढ़ाई जाए और भालुओं को पकड़ने के लिए पिंजरे लगाए जाएं, ताकि किसी प्रकार की जनहानि न हो।
ग्रामीणों ने वन विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि कई बार शिकायतें देने के बावजूद अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। उनका कहना है कि स्थिति अब इतनी गंभीर हो चुकी है कि जंगली जानवर घरों के दरवाजे तक तोड़कर अंदर घुसने लगे हैं।
ग्रामीणों का सवाल है कि आखिर वन विभाग कब जागेगा और कब तक लोग अपने जान-माल की सुरक्षा को लेकर डर के साए में जीते रहेंगे।
वही जंगलात विभाग अधिकारीयो ने बताया कि कल से हम क्षेत्र में ग्रस्त लगाएंगे और जो भी उचित कार्रवाई करेंगे अगर पिंजरा लगाने की जरूरत पड़ेगी तो पिंजरा भी लगाएंगे अब देखने वाली बात होगी की जंगलात विभाग कब तक इन जंगली भालू से निजात दिलाएंगे

ये भी पढ़ें:  मुख्य विकास अधिकारी जय भारत सिंह ने कार्यभार ग्रहण करने के बाद पहली बार झाला में रात्रि चौपाल

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *