देश में गैस पर्याप्त, फिर भी उत्तरकाशी के ग्रामीण इलाकों में संकट! CDO सख्त 2 महीने से लंबित बुकिंग पर तत्काल डिलीवरी के आदेश

उत्तरकाशी
रिपोर्ट महावीर सिंह राणा
जहां एक ओर देशभर में रसोई गैस की आपूर्ति को लेकर हालात सामान्य बताए जा रहे हैं, वहीं उत्तरकाशी के दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में उपभोक्ताओं को अब भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। गैस सिलेंडर के लिए लोगों को हफ्तों नहीं, बल्कि महीनों तक इंतजार करना पड़ रहा है और शिकायतों के बावजूद हालात जस के तस बने हुए हैं।
इसी गंभीर स्थिति को देखते हुए मुख्य विकास अधिकारी (CDO) जय भारत सिंह ने मंगलवार को जनपद की विभिन्न गैस एजेंसियों के प्रबंधकों के साथ एक सख्त समीक्षा बैठक की। बैठक में साफ संकेत दिया गया कि अब लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
2 महीने से लंबित बुकिंग? अब और इंतजार नहीं!”
CDO ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जिन उपभोक्ताओं की गैस बुकिंग पिछले दो माह या उससे अधिक समय से लंबित है, उन्हें तत्काल प्राथमिकता के आधार पर सिलेंडर उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि अनावश्यक देरी या लापरवाही पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई तय है।
जमीनी हकीकत पर फोकस
बैठक में गैस आपूर्ति की पूरी प्रक्रिया—बुकिंग से लेकर डिलीवरी तक—की गहन समीक्षा की गई। उपभोक्ताओं से मिल रही शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि वे वितरण प्रणाली में पारदर्शिता लाएं और यह सुनिश्चित करें कि किसी के साथ भेदभाव न हो।
ग्रामीण इलाकों में सबसे ज्यादा संकट
हालांकि कागजों में आपूर्ति सामान्य दिख रही है, लेकिन हकीकत यह है कि उत्तरकाशी के ग्रामीण क्षेत्रों में गैस की किल्लत सबसे ज्यादा है। कई जगहों पर सिलेंडर समय पर नहीं पहुंच पा रहे, जिससे लोगों को फिर से लकड़ी और पारंपरिक ईंधन का सहारा लेना पड़ रहा है।
स्टॉक बढ़ाने और निगरानी के निर्देश
CDO ने सभी गैस एजेंसी प्रबंधकों को निर्देश दिए कि वे अपने क्षेत्रों में गैस स्टॉक पर्याप्त मात्रा में बनाए रखें और मांग के अनुसार समय पर आपूर्ति सुनिश्चित करें।
साथ ही, 5 किलो के छोटे इंडेन गैस सिलेंडरों की संख्या बढ़ाने के भी निर्देश दिए गए, ताकि दूरदराज के क्षेत्रों में लोगों को राहत मिल सके।

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निगरानी होगी सख्त
वर्चुअल माध्यम से जुड़े पूर्ति निरीक्षकों को स्पष्ट आदेश दिए गए कि वे नियमित रूप से गैस एजेंसियों का औचक निरीक्षण करें और शिकायतों का तुरंत निस्तारण सुनिश्चित करें।
उपभोक्ताओं से संवाद जरूरी
गैस एजेंसी संचालकों को यह भी कहा गया कि वे उपभोक्ताओं के साथ संवाद बनाए रखें, डिलीवरी की सही जानकारी दें और किसी भी शिकायत का जल्द समाधान करें।
गैस जैसी जरूरी सेवा में देरी अस्वीकार्य
CDO ने दो टूक कहा कि गैस जैसी बुनियादी सुविधा में किसी भी प्रकार की कमी या देरी अब स्वीकार नहीं की जाएगी। प्रशासन इस पूरे सिस्टम की लगातार मॉनिटरिंग करेगा और जरूरत पड़ने पर सख्त कदम उठाए जाएंगे।
देश में गैस की कमी नहीं, लेकिन उत्तरकाशी के पहाड़ी और ग्रामीण इलाकों में सिस्टम की खामियां आम लोगों की रसोई पर भारी पड़ रही हैं।

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अब देखना होगा कि प्रशासन के सख्त निर्देश जमीनी स्तर पर कितना असर दिखाते हैं—या फिर ये बैठक भी सिर्फ कागजों तक सीमित रह जाती है।

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