वन्दे मातरम् के 150वें वर्ष पर उत्तरकाशी में गूंजा राष्ट्रभावना का स्वर

उत्तरकाशी। राष्ट्रगीत ‘वन्दे मातरम्’ के 150वें वर्ष के उपलक्ष्य में शुक्रवार को उत्तरकाशी जनपद में ‘नमामि भारतम्’ कार्यक्रम के तहत विभिन्न विद्यालयों में सामूहिक वन्दे मातरम् गायन कार्यक्रम आयोजित किया गया। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार सुबह 11 बजे विद्यालय परिसरों में छात्र-छात्राओं, शिक्षकों एवं विद्यालय कर्मचारियों ने एक साथ राष्ट्रगीत का सामूहिक गायन कर राष्ट्रभावना, राष्ट्रीय एकता और मातृभूमि के प्रति सम्मान का संदेश दिया।


मनेरी में 136 लोगों की मौजूदगी, 117 ने किया सक्रिय प्रतिभाग
मनेरी स्थित सुधाकर गोयल सरस्वती विद्या मंदिर में आयोजित कार्यक्रम में विद्यालय परिवार सहित कुल 136 लोगों की उपस्थिति रही, जबकि 117 छात्र-छात्राओं एवं अन्य सहभागियों ने कार्यक्रम में सक्रिय रूप से प्रतिभाग किया। सामूहिक रूप से वन्दे मातरम् का गायन शुरू होते ही विद्यालय परिसर राष्ट्रभक्ति के स्वरों से गूंज उठा।
कार्यक्रम के संयोजक विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री रमेश नौटियाल रहे, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता सेवानिवृत्त तहसीलदार श्री वीरेन्द्र सिंह रावत ने की। इस अवसर पर श्री चतर सिंह चौहान ने वन्दे मातरम् के ऐतिहासिक महत्व और राष्ट्रभावना पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों को इसके गौरवशाली इतिहास से अवगत कराया। कार्यक्रम में श्री गजेन्द्र प्रसाद भट्ट भी मौजूद रहे।

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लक्षेश्वर में 224 प्रतिभागियों ने किया सामूहिक गायन
इसी क्रम में लक्षेश्वर स्थित स्वामी घनश्यामानंद सरस्वती विद्या मंदिर एच.एस.एस. में भी वन्दे मातरम् के 150 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर सामूहिक गायन कार्यक्रम आयोजित किया गया। विद्यालय की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार कार्यक्रम में कुल 224 प्रतिभागियों ने सहभागिता की।
विद्यालय के आचार्य-आचार्याओं, छात्र-छात्राओं एवं कर्मचारियों ने सामूहिक स्वर में वन्दे मातरम् का गायन कर राष्ट्र के प्रति सम्मान और समर्पण की भावना व्यक्त की। कार्यक्रम में विद्यालय प्रबंधन समिति के प्रबंधक श्री सत्यदेव , कोषाध्यक्ष श्री चंद्रवीर , प्रधानाचार्य श्री अनूप सिंह सहित विद्यालय प्रबंधन, आचार्यगण, कर्मचारी और छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
ऐतिहासिक महत्व और राष्ट्रीय चेतना पर दिया संदेश
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने वन्दे मातरम् के ऐतिहासिक महत्व, स्वतंत्रता आंदोलन में इसकी भूमिका तथा राष्ट्रीय चेतना के निर्माण में इसके योगदान पर प्रकाश डाला। वक्ताओं ने कहा कि सामूहिक गायन जैसे आयोजनों के माध्यम से विद्यार्थियों को देश के इतिहास, राष्ट्रीय प्रतीकों और राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों से जोड़ने का अवसर मिलता है।
मनेरी से लेकर लक्षेश्वर तक विद्यालय परिसरों में एक साथ गूंजे ‘वन्दे मातरम्’ के स्वर ने वातावरण को राष्ट्रभावना से ओतप्रोत कर दिया। छात्र-छात्राओं ने अनुशासन और उत्साह के साथ कार्यक्रम में भाग लेते हुए मातृभूमि के प्रति श्रद्धा, राष्ट्र के प्रति कर्तव्यबोध और राष्ट्रीय एकता का संदेश दिया।
‘नमामि भारतम्’ के तहत आयोजित यह सामूहिक गायन कार्यक्रम जनपद के विद्यालयों में राष्ट्रगीत के प्रति सम्मान और राष्ट्रीय चेतना को अभिव्यक्त करने का माध्यम बना।

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