चिन्यालीसौड़ (उत्तरकाशी)। नगर पालिका परिषद चिन्यालीसौड़ में विकास कार्यों, लंबित भुगतान और प्रशासनिक कार्यप्रणाली को लेकर विवाद गहराता नजर आ रहा है। नगर पालिका अध्यक्ष मनोज कोहली ‘श्याम’ ने अधिशासी अधिकारी की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताते हुए कई सख्त आदेश जारी किए हैं। वहीं, 6 नवंबर को जिलाधिकारी उत्तरकाशी को पत्र भेजकर अधिशासी अधिकारी पर अध्यक्ष के आदेशों की अनदेखी करने और विकास कार्यों के भुगतान में बाधा उत्पन्न करने के गंभीर आरोप लगाए हैं।

33 विकास कार्यों के भुगतान का मामला गरमाया
नगर पालिका अध्यक्ष द्वारा 28 अक्टूबर 2026 को जारी आदेश में स्पष्ट किया गया कि नगर क्षेत्र में कुल 33 निर्माण कार्यों का भुगतान लंबित है। अध्यक्ष ने जिलाधिकारी के पूर्व निर्देशों का हवाला देते हुए कहा कि इन कार्यों की उच्चस्तरीय जांच के लिए भुगतान रोका गया था। हालांकि, उनके अनुसार जांच टीम निर्धारित समय पर पालिका कार्यालय नहीं पहुंची और कई योजनाओं के कार्य ठेकेदारों द्वारा लगभग पूर्ण कर लिए गए हैं।
आदेश में अधिशासी अधिकारी को दीपावली से पूर्व पूर्ण हो चुके निर्माण कार्यों का नियमानुसार लंबित भुगतान करने की कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए थे। अध्यक्ष ने यह भी कहा कि भुगतान में अनावश्यक देरी से ठेकेदारों में निराशा बढ़ रही है और पालिका के विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं।

9 कार्यों का भुगतान, शेष 24 पर सवाल
6 नवंबर को जिलाधिकारी को भेजे गए पत्र में अध्यक्ष मनोज कोहली ने आरोप लगाया कि 33 लंबित कार्यों में से केवल 9 कार्यों का भुगतान किया गया है, जबकि शेष कार्यों का भुगतान अभी भी लंबित है। उन्होंने कहा कि पूर्व में अधिशासी अधिकारी को भुगतान प्रक्रिया तत्काल पूरी करने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन इसके बावजूद अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई।
अध्यक्ष ने पत्र में यह भी आरोप लगाया कि अधिशासी अधिकारी द्वारा भुगतान रोकने के लिए जिलाधिकारी के आदेशों का हवाला दिया जा रहा है, जबकि उनके संज्ञान में ऐसा कोई नया आदेश नहीं है।
बनचौरा रोड पर जाम और अव्यवस्थित पार्किंग से लोग परेशान
वहीं, नगर पालिका अध्यक्ष ने 28 अक्टूबर को जारी एक अन्य आदेश में बनचौरा रोड चौराहे की बदहाल व्यवस्था पर भी कड़ी नाराजगी जताई है।
आदेश के अनुसार, चारधाम यात्रा मार्ग पर लोक निर्माण विभाग एवं बीआरओ द्वारा सड़क निर्माण कार्य के बाद पार्किंग व्यवस्था, अधूरी नालियों और अन्य अधूरे निर्माण कार्यों के चलते आए दिन जाम, गंदगी और दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है।
अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि संबंधित विभागों को कई बार पत्राचार करने के बावजूद समस्याओं के समाधान के लिए अपेक्षित सहयोग नहीं मिला। उन्होंने जनहित, नागरिक सुरक्षा और सुचारु यातायात व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए संबंधित विभागों के अधिकारियों के विरुद्ध नामित अधिवक्ताओं के माध्यम से मुकदमा दर्ज कराने एवं विधिक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
जिलाधिकारी से हस्तक्षेप की मांग, प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल
जिलाधिकारी को भेजे गए पत्र में अध्यक्ष ने अधिशासी अधिकारी पर अपनी जिम्मेदारियों से बचने तथा पालिका के महत्वपूर्ण कार्यों में अनावश्यक देरी करने के आरोप लगाए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि पालिका के विकास कार्यों और कर्मचारियों के हितों को प्रभावित किया जा रहा है।
पत्र में अध्यक्ष ने चेतावनी दी है कि यदि उनके आदेशों की अवहेलना और जनहित के कार्यों में बाधा डालने का सिलसिला जारी रहा तो राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर विरोध दर्ज कराया जा सकता है। साथ ही उन्होंने जिलाधिकारी से पूरे प्रकरण में हस्तक्षेप कर आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है।
अब बड़ा सवाल यह है कि नगर पालिका में अध्यक्ष और अधिशासी अधिकारी के बीच चल रहे इस प्रशासनिक विवाद का समाधान कब निकलेगा? क्या लंबित 24 निर्माण कार्यों का भुगतान होगा और बनचौरा रोड की बदहाल व्यवस्था में सुधार आएगा? अब सबकी निगाहें जिला प्रशासन के अगले कदम पर टिकी हैं।

