उत्तरकाशी
लगातार शिकायतों के बावजूद स्थायी समाधान नहीं, वार्ड सदस्य सुनीता ने डीएम को सौंपा ज्ञापन; पांच दिन में कार्रवाई की मांग
। कालेश्वर मंदिर मार्ग एवं आसपास के जलभराव प्रभावित क्षेत्र में बारिश के दौरान पैदा हो रही गंभीर समस्या को लेकर स्थानीय लोगों की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है। बरसात का पानी सड़क पर जमा होने के साथ ही आवासीय घरों में घुस रहा है, जिससे लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। जलभराव के कारण दुर्घटनाओं का खतरा भी बना हुआ है।
समस्या के स्थायी समाधान की मांग को लेकर वार्ड नंबर-08 जोशियाड़ा की सभासद सुनीता ने
जिलाधिकारी उत्तरकाशी को ज्ञापन सौंपकर तत्काल प्रभावी कार्रवाई की मांग की है। ज्ञापन में कहा गया है कि कालेश्वर मंदिर मार्ग और आसपास के क्षेत्र में बरसात के दौरान स्थिति बेहद गंभीर हो जाती है। स्कूल जाने वाले बच्चों, महिलाओं, बुजुर्गों और स्थानीय निवासियों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
सभासद ने बताया कि इस संबंध में पूर्व में भी प्रशासन एवं संबंधित विभागों को कई बार अवगत कराया जा चुका है। जिलाधिकारी द्वारा स्वयं मौके का निरीक्षण किए जाने के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका है। ऐसे में स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
ज्ञापन में प्रशासन के समक्ष प्रमुख रूप से चार मांगें रखी गई हैं—
पहली, बरसाती पानी की उचित निकासी के लिए ड्रेनेज व्यवस्था को एनएच की ओर कराया जाए।
दूसरी, लगभग 200 से 250 मीटर आबादी क्षेत्र में पक्के नाले एवं रास्ते का निर्माण कराया जाए।
तीसरी, पानी के तेज बहाव को नियंत्रित करने के लिए आवश्यक स्थानों पर चेक डैम का निर्माण कराया जाए।
चौथी, जल निकासी व्यवस्था की तत्काल सफाई एवं मरम्मत कर आवश्यकतानुसार उसका विस्तार किया जाए और प्रभावित आवासीय घरों की सुरक्षा सुनि
श्चित की जाए।
ज्ञापन में कहा गया है कि यह समस्या अब केवल जलभराव तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि जनसुरक्षा और जान-माल की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर विषय बन चुकी है। सभासद ने संबंधित विभागों को तत्काल निर्देशित कर कार्यों को समयबद्ध तरीके से शुरू कराने की मांग की है।
वहीं, स्थानीय स्तर पर प्रशासन को पांच दिन का समय दिया गया है। ज्ञापन में चेतावनी दी गई है कि यदि पांच दिनों के भीतर ठोस एवं प्रभावी कार्रवाई शुरू नहीं हुई तो क्षेत्र की जनता शांतिपूर्ण धरना देने के लिए मजबूर होगी।
अब देखना होगा कि लगातार बारिश के बीच कालेश्वर मंदिर मार्ग की इस गंभीर समस्या पर प्रशासन कितनी जल्दी स्थायी समाधान की दिशा में कदम उठाता है। स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि इस बार महज निरीक्षण और आश्वासन के बजाय धरातल पर जल निकासी और सड़क सुरक्षा की ठोस व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।

