धराली आपदा के एक वर्ष बाद राहत और पुनर्निर्माण क्या पाया क्या खोया

उत्तरकाशी के धराली-हर्षिल क्षेत्र में आई विनाशकारी आपदा को एक वर्ष पूरा हो चुका है। एक साल बाद जिला प्रशासन ने राहत, पुनर्वास और विकास कार्यों का ब्यौरा जारी किया है। प्रशासन का दावा है कि प्रभावित परिवारों को आर्थिक सहायता से लेकर आजीविका और आधारभूत सुविधाओं की बहाली तक तेजी से काम किया गया है।
धराली आपदा में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों को एसडीआरएफ और मुख्यमंत्री राहत कोष से कुल 5-5 लाख रुपये की सहायता दी गई। 19 लापता लोगों को मृत घोषित कर उनके आश्रितों को भी आर्थिक मदद दी गई।

वहीं 115 पूरी तरह क्षतिग्रस्त मकानों के लिए 5-5 लाख रुपये की सहायता स्वीकृत की गई।

ये भी पढ़ें:  मतदाता सूची शुद्धिकरण अभियान तेज: एसआईआर को सफल बनाने हेतु जिलाधिकारी प्रशांत आर्य की नागरिकों से सहयोग की अपील

प्रशासन के अनुसार होटल और दुकान संचालकों को मुख्यमंत्री राहत कोष से करोड़ों रुपये की सहायता दी गई

बेघर हुए परिवारों को छह माह तक किराया सहायता भी उपलब्ध कराई गई, ताकि वे सामान्य जीवन की ओर लौट सकें

सिंचाई विभाग ने नदी चैनलाइजेशन, तट सुरक्षा और सुरक्षात्मक दीवारों का निर्माण कराया। लोक निर्माण विभाग ने सड़क संपर्क बहाल किया, जबकि उद्यान और कृषि विभाग ने बागवानों और किसानों को सेब खरीद, कृषि उपकरण, बीज और अन्य सहायता उपलब्ध कराई। पशुपालकों को भी पशुधन क्षति का मुआवजा दिया गया।

जिलाधिकारी प्रशांत आर्य का कहना है कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशन में हर प्रभावित परिवार तक राहत पहुंचाने और सुरक्षित पुनर्वास सुनिश्चित करने के लिए सभी विभाग मिलकर लगातार काम कर रहे हैं।

एक वर्ष बाद धराली में जनजीवन धीरे-धीरे पटरी पर लौटता दिखाई दे रहा है। हालांकि स्थानीय लोगों का कहना है कि पुनर्वास और सुरक्षा से जुड़े कुछ कार्य अभी पूरे होने बाकी हैं। ऐसे में आने वाले समय में इन योजनाओं का धरातल पर कितना असर दिखता है, इस पर सभी की नजर रहेगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *