उत्तरकाशी।
रिपोर्ट महावीर सिंह राणा
चारधाम यात्रा अपने चरम पर पहुंच चुकी है और लाखों श्रद्धालु उत्तराखंड के धामों की ओर रुख कर रहे हैं। ऐसे में यात्रियों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को सर्वोपरि मानते हुए प्रशासन अब पूरी तरह एक्शन मोड में दिखाई दे रहा है। यात्रा मार्गों पर संचालित होटल, ढाबों, रेस्टोरेंट और खाद्य प्रतिष्ठानों पर लगातार छापेमारी और निरीक्षण अभियान चलाया जा रहा है। प्रशासन ने साफ संकेत दे दिए हैं कि श्रद्धालुओं के स्वास्थ्य के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

जिलाधिकारी प्रशांत आर्य के आदेशों और सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा के निर्देशों के अनुपालन में खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा यमुनोत्री यात्रा मार्ग पर सघन निरीक्षण अभियान चलाया गया। खाद्य सुरक्षा अधिकारी बलवंत सिंह चौहान ने ब्रह्मखाल, बड़कोट, गंगनानी, खरादी और जानकीचट्टी बाजार क्षेत्र में संचालित विभिन्न खाद्य प्रतिष्ठानों की गहन जांच की।

निरीक्षण के दौरान खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, रसोई की स्वच्छता, खाद्य सामग्री के भंडारण, निर्माण प्रक्रिया और बिक्री मानकों की बारीकी से जांच की गई। टीम ने कई प्रतिष्ठानों को साफ-सफाई और खाद्य सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन करने की चेतावनी भी दी।
सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा अश्वनी सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि अभियान के दौरान आटा, दाल, खाद्य तेल, पनीर, दलिया समेत कुल 6 खाद्य पदार्थों के नमूने लिए गए हैं, जिन्हें जांच के लिए अधिकृत प्रयोगशाला भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद यदि किसी भी खाद्य पदार्थ में गड़बड़ी या मिलावट पाई जाती है तो संबंधित प्रतिष्ठान संचालकों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

प्रशासन का कहना है कि चारधाम यात्रा केवल आस्था का विषय नहीं बल्कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और स्वास्थ्य की जिम्मेदारी भी है। ऐसे में किसी होटल, ढाबे या दुकान द्वारा घटिया, सड़ा-गला या मिलावटी खाद्य पदार्थ बेचकर यात्रियों की जिंदगी से खिलवाड़ किया गया तो सीधे मुकदमा और लाइसेंस निरस्तीकरण जैसी कार्रवाई की जाएगी।
लगातार हो रही छापेमारी से यात्रा मार्गों पर संचालित कई होटल और खाद्य कारोबारियों में हड़कंप की स्थिति बनी हुई है। विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि निरीक्षण अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा और लापरवाही करने वालों को किसी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
“स्वास्थ्य ही सर्वोपरि” — प्रशासन का बड़ा संदेश
चारधाम यात्रा में आने वाले श्रद्धालुओं की सेहत को सुरक्षित रखना सरकार की प्राथमिकता बन चुका है। प्रशासन ने साफ शब्दों में कहा है कि यात्रियों को शुद्ध, स्वच्छ और गुणवत्तायुक्त भोजन उपलब्ध कराना सभी खाद्य कारोबारियों की जिम्मेदारी है। नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ अब सख्त कार्रवाई तय मानी जा रही है।

