उत्तरकाशी
रिपोर्ट महावीर सिंह राणा
उत्तरकाशी। चारधाम यात्रा अपने चरम पर है और इसी बीच गंगोत्री धाम की ओर जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए गंगनानी स्थित दिव्य ऋषि कुंड इन दिनों विशेष आस्था का केंद्र बना हुआ है। हिमालय की गोद में माँ भागीरथी के तट के समीप स्थित यह तप्त कुंड न केवल धार्मिक महत्व रखता है, बल्कि प्राकृतिक चमत्कार के रूप में भी श्रद्धालुओं को आकर्षित कर रहा है।
मान्यता है कि गंगोत्री धाम की यात्रा से पहले इस पवित्र कुंड में स्नान करने से शरीर को ऊर्जा, मन को शांति और आत्मा को दिव्यता का अनुभव होता है। यही कारण है कि हर दिन सैकड़ों यात्री यहाँ आकर आस्था की डुबकी लगा रहे हैं। साधु-संतों की तपस्थली रहा यह स्थान आज भी सनातन परंपरा और आध्यात्मिक चेतना की जीवंत मिसाल बना हुआ है।
यहाँ की प्राकृतिक गर्म जलधारा श्रद्धा और विज्ञान का अनूठा संगम प्रस्तुत करती है, जो यात्रियों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र है। चारधाम यात्रा मार्ग पर स्थित होने के कारण गंगनानी अब एक प्रमुख पड़ाव के रूप में तेजी से उभर रहा है।

इसी क्रम में क्षेत्र की पूर्व ब्लॉक प्रमुख वर्तमान भाजपा के गढ़वाल संयोजक विनीता रावत और भाजपा के वरिष्ठ नेता जगमोहन सिंह रावत ने भी ऋषि कुंड पहुंचकर दर्शन किए और इसकी महत्ता को सराहा। उन्होंने कहा कि यह स्थल गंगोत्री क्षेत्र की अमूल्य धरोहर है, जिसके संरक्षण और विकास की दिशा में ठोस प्रयास आवश्यक हैं।
👉 पार्किंग की कमी बनी चुनौती
श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों द्वारा यहाँ पार्किंग व्यवस्था की कमी को लेकर चिंता जताई जा रही है। बढ़ती भीड़ को देखते हुए सुव्यवस्थित पार्किंग का निर्माण समय की मांग बन चुका है। इससे न केवल यात्रियों को सुविधा मिलेगी, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।
👉 धरोहर संरक्षण की अपील
ऋषि कुंड केवल एक जलस्रोत नहीं, बल्कि हमारी आस्था, संस्कृति और प्रकृति का संगम है। ऐसे में इसकी स्वच्छता, पवित्रता और गौरव को बनाए रखना हम सभी की जिम्मेदारी है, ताकि आने वाली पीढ़ियां भी इस दिव्य अनुभव से जुड़ सकें।
चारधाम यात्रा के इस महत्वपूर्ण पड़ाव पर गंगनानी का ऋषि कुंड आज हर श्रद्धालु को न सिर्फ आध्यात्मिक ऊर्जा दे रहा है, बल्कि देवभूमि उत्तराखंड की सांस्कृतिक समृद्धि का संदेश भी दे रहा है।

