देहरादून/हल्द्वानी।
रिपोर्ट महावीर सिंह राणा
सुबह का वक्त था… हल्द्वानी का एमबी इंटर कॉलेज मैदान युवाओं की ऊर्जा से भरा हुआ था। हजारों कदम एक दिशा में चलने को तैयार थे, लेकिन यह कोई आम दौड़ नहीं थी… यह दौड़ थी एक नए इश्क की।
इस इश्क में न कोई धोखा था, न कोई दर्द…
यह इश्क था जिंदगी से, खुद से, और एक नशा-मुक्त उत्तराखंड के सपने से।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जैसे ही हरी झंडी दिखाई, भीड़ आगे बढ़ी… लेकिन हर कदम एक संदेश दे रहा था —
“नशे को ना, जिंदगी को हां।”
मुख्यमंत्री ने भी साफ कहा कि यह सिर्फ दौड़ नहीं है, यह एक संकल्प है —
एक ऐसा उत्तराखंड बनाने का, जहां युवा नशे से दूर और सपनों के करीब हों।
उन्होंने बताया कि साल 2022 में एंटी नारकोटिक टास्क फोर्स बनने के बाद से नशे के कारोबारियों पर लगातार कार्रवाई हो रही है। साथ ही “दगड़िया क्लब” जैसे प्रयास और एडिक्शन ट्रीटमेंट सेंटर भी युवाओं को सही रास्ता दिखाने में जुटे हैं। रैली में शामिल हर चेहरा एक कहानी कह रहा था…
किसी ने दोस्त खोया था, किसी ने खुद को बचाया था…
और अब सभी मिलकर एक नई शुरुआत कर रहे थे।
आज की यह “Run for Awareness” रैली सिर्फ एक आयोजन नहीं रही…
यह एक एहसास बन गई —
कि असली इश्क वही है, जो आपको आगे बढ़ाए… गिराए नहीं।

