गंगोत्री धाम में गूंज रही भागवत भक्ति की स्वर लहरियां मौनी बाबा आश्रम में श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का शुभारंभ, भव्य कलश यात्रा ने बांधा श्रद्धा का समां

गंगोत्रीधाम, उत्तरकाशी।
रिपोर्ट महाबीर सिंह राणा
जहां एक ओर विश्वप्रसिद्ध गंगोत्री धाम में चारधाम यात्रा अपने चरम पर पहुंच रही है और देश-विदेश से हजारों श्रद्धालु मां गंगा के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं, वहीं दूसरी ओर इस पावन धाम की आध्यात्मिक ऊर्जा को और अधिक दिव्यता प्रदान कर रहा है मौनी बाबा आश्रम में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ। हिमालय की गोद में बसे गंगोत्रीधाम में इस प्रकार का धार्मिक आयोजन अपने आप में एक अद्भुत और प्रेरणादायी संदेश माना जा रहा है।
बुधवार से प्रारंभ हुई यह कथा स्वर्गीय श्री त्रिलोक सिंह ठगुराठी जी, स्वर्गीय श्री हेमन्द्र सिंह जी एवं समस्त पितरों की पुण्य स्मृति को समर्पित है। यह सात दिवसीय कथा आयोजन 28 मई से 03 जून 2026 तक चलेगा, जिसमें प्रतिदिन श्रद्धालु धर्म, भक्ति और आध्यात्मिक ज्ञान का रसपान करेंगे।

गढ़वाली बैंड के साथ निकली भव्य कलश यात्रा
कथा के शुभारंभ अवसर पर गंगोत्रीधाम में निकली भव्य कलश यात्रा श्रद्धा और संस्कृति का अद्भुत संगम बन गई। पारंपरिक गढ़वाली बैंड की मधुर धुनों के बीच महिलाओं ने सिर पर कलश धारण कर पूरे उत्साह और भक्ति भाव से यात्रा में भाग लिया। “जय श्रीराम” और “हर हर गंगे” के उद्घोषों से पूरा धाम भक्तिमय वातावरण में डूब गया
चारों ओर बर्फ से ढके हिमालय, मां गंगा का कलकल प्रवाह और बीच में गूंजते भक्ति गीत—यह दृश्य श्रद्धालुओं के लिए किसी आध्यात्मिक अनुभूति से कम नहीं था। यात्रियों और स्थानीय लोगों ने भी इस धार्मिक आयोजन को अत्यंत भावुक और दिव्य बताया।
भागवत कथा से मिल रहा धर्म और संस्कारों का संदेश
कथा वाचक पूज्य सुरेश शास्त्री जी महाराज ने प्रथम दिवस पर श्रीमद् भागवत कथा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भागवत केवल कथा नहीं, बल्कि मानव जीवन को सत्य, धर्म और भक्ति के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देने वाला दिव्य ग्रंथ है। उन्होंने कहा कि आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में ऐसे आध्यात्मिक आयोजन समाज को सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करते हैं।
कथा के दौरान भजन-कीर्तन और धार्मिक अनुष्ठानों ने श्रद्धालुओं को पूरी तरह भक्ति में सराबोर कर दिया। आयोजन स्थल पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु कथा श्रवण के लिए पहुंचे, वहीं यात्रियों ने भी इस आयोजन को गंगोत्रीधाम की आध्यात्मिक पहचान से जोड़कर देखा।
देश-विदेश तक पहुंच रही गंगोत्रीधाम की आध्यात्मिक ध्वनि
विशेष बात यह है कि कथा का सीधा प्रसारण नागराज टीवी के माध्यम से किया जा रहा है, जिससे देश और विदेश में बैठे श्रद्धालु भी ऑनलाइन कथा श्रवण कर रहे हैं। गंगोत्री जैसे पवित्र और दुर्गम धाम से प्रसारित हो रही यह कथा भारतीय सनातन संस्कृति और आध्यात्मिक परंपरा का वैश्विक संदेश बनती नजर आ रही है।
पूरे ठगुराठी परिवार द्वारा किया जा रहा आयोजन
इस धार्मिक आयोजन का संचालन श्रीमती कमलेश ठगुराठी एवं श्री राजेन्द्र सिंह ठगुराठी, श्रीमती सरस्वती ठगुराठी एवं श्री ललित सिंह ठगुराठी, श्रीमती ज्योति ठगुराठी एवं श्री महेन्द्र सिंह ठगुराठी सहित समस्त ठगुराठी परिवार द्वारा श्रद्धा और सेवा भाव के साथ किया जा रहा है।
गंगोत्रीधाम में आयोजित यह कथा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि हिमालय की पावन वादियों से पूरी दुनिया को दिया जा रहा आध्यात्मिक शांति, संस्कृति और सनातन परंपरा का जीवंत संदेश बन चुकी है।

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