उत्तरकाशी
रिपोर्ट महावीर सिंह राणा
उत्तरकाशी, 31 मई 2026। विश्व तंबाकू निषेध दिवस के अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. बी.एस. रावत के मार्गदर्शन में रामचन्द्र उनियाल राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय उत्तरकाशी में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस वर्ष की थीम “आकर्षण का पर्दाफाश – निकोटीन और तंबाकू की लत का मुकाबला” रही।
कार्यक्रम के तहत छात्र-छात्राओं एवं शिक्षकों के लिए योग सत्र आयोजित किया गया तथा तंबाकू एवं निकोटीन उत्पादों के सेवन से दूर रहने की शपथ दिलाई गई। जनपद की सभी स्वास्थ्य इकाइयों में भी विश्व तंबाकू निषेध दिवस पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए।
जिला सलाहकार ज्ञानेन्द्र सिंह पंवार ने तंबाकू सेवन से होने वाले दुष्प्रभावों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि विश्वभर में प्रतिवर्ष 80 लाख से अधिक लोगों की मौत तंबाकू के कारण होती है। भारत में तंबाकू सेवन करने वालों की संख्या विश्व में लगभग 12 प्रतिशत है, जिसके चलते हर वर्ष करीब 13 लाख लोगों की मृत्यु होती है।
उन्होंने बताया कि 13 से 15 वर्ष आयु वर्ग के लगभग 4 करोड़ किशोर वर्तमान में तंबाकू या निकोटीन उत्पादों का उपयोग कर रहे हैं। वहीं, तंबाकू का सेवन न करने वाले लगभग 29.5 प्रतिशत छात्र-छात्राएं भी पैसिव स्मोकिंग की चपेट में हैं।

विशेषज्ञों ने बताया कि तंबाकू सेवन से गले, फेफड़े, पेट, अग्न्याशय, मूत्राशय एवं गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर, हृदय रोग, स्ट्रोक, टीबी, अस्थमा, सीओपीडी सहित अनेक गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। भारत में कैंसर के प्रत्येक 10 मरीजों में से 6 मरीज तंबाकू सेवन से प्रभावित पाए जाते हैं।
कार्यक्रम के दौरान सभी प्रतिभागियों ने अपने परिवार, मित्रों एवं समाज को तंबाकू मुक्त बनाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम के सफल आयोजन में महाविद्यालय की नशा उन्मूलन समिति के संयोजक डॉ. एम.पी.एस. राणा, डॉ. परेन्द्र सिंह जयाड़ा, डॉ. विकास, योग प्रशिक्षक पूजा तथा स्वास्थ्य विभाग की ओर से सोनिया बिष्ट का विशेष सहयोग रहा।
गंगोत्री न्यूज़ एक्सप्रेस की अपील है कि स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए तंबाकू और नशे से दूरी बनाएं तथा दूसरों को भी इसके प्रति जागरूक करें।

