सिलाई बैंड भूस्खलन हादसे में लापता मजदूरों की खोज दूसरे दिन भी जारी,डीएम ने किया स्थलीय निरीक्षण।

उत्तरकाशी
रिपोर्ट महावीर सिंह राणा
एंकर उत्तरकाशी जिले के तहसील बड़कोट के अंतर्गत सिलाई बैंड के पास रविवार को हुए भूस्खलन में लापता मजदूरों की खोज एवं बचाव अभियान दूसरे दिन भी युद्धस्तर पर जारी है। जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने सोमवार को अधिकारियों के साथ घटना स्थल का स्थलीय निरीक्षण कर राहत एवं बचाव कार्यों का निरीक्षण किया।

एनडीआरएफ,एसडीआरएफ,आईटीबीपी, पुलिस एवं राजस्व विभाग की संयुक्त टीमों को सर्च एवं रेस्क्यू अभियान में तेजी लाने के निर्देश दिए। तथा कल तक नेशनल हाइवे को सिलाई बैंड तक यातयात के लिए बहाल करने के निर्देश ईई एनएच को दिए। उन्होंने स्यानचट्टी में पानी की निकासी के लिए सिंचाई विभाग को तत्काल कार्य करने के निर्देश दिए।

ये भी पढ़ें:  आसमानी आफत का कहर जारी गंगा नदी उफान पर जन जीवन अस्त-व्यस्त


बीते दिनों हुई भूस्खलन मे 29 मजदूर प्रभावित हुए थे,जिसमें से 20 मजदूरों को सुरक्षित निकाला जा चुका है,जबकि 2 मजदूरों की मृत्यु की पुष्टि हुई है। शेष 7 लापता मजदूरों की खोज लगातार की जा रही है। जिलाधिकारी ने कहा कि किसी भी स्थिति में लापता व्यक्तियों की खोज में कोई कमी नहीं छोड़ी जाएगी तथा प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने मौके पर तैनात सभी अधिकारियों एवं बचाव दल को पूर्ण समन्वय और सतर्कता के साथ कार्य करने के निर्देश दिए।उन्होंने कहा कि राहत एवं बचाव कार्यों एवं अवरुद्ध सड़क मार्ग को युद्ध स्तर पर खोलने के लिए पोकलैंड,जेसीबी मशीन तथा अन्य आवश्यक उपकरणों को तैनात किया गया है। जिला प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

ये भी पढ़ें:  कर्तव्य फाउंडेशन द्वारा ग्राम बोंगा एवं बोंगाडी में स्वास्थ्य रिपोर्ट एवं पोषण किट वितरण


उन्होंने कहा कि सिलाई बैंड क्षेत्र में तीन स्थलों पर सड़क के वाशआउट होने के कारण यातायात बाधित हुआ है। सड़क मार्ग को यातयात के लिए सुचारू करने हेतु युद्धस्तर पर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बारिश के कारण मलबा और बोल्डर पुनः गिरने से कार्य में व्यवधान उत्पन्न हो रहा है। इसके बावजूद संबंधित विभागों द्वारा अथक प्रयास किए जा रहे हैं तथा यदि मौसम अनुकूल रहा तो कल तक सिलाई बैंड तक वाहनों की आवाजाही बहाल कर दी जाएगी। उन्होंने कहा कि ओजरी क्षेत्र में सड़क के वाशआउट होने के दृष्टिगत वहां वैकल्पिक मार्ग निर्माण हेतु आईटीबीपी एवं वन विभाग को जरूरी निर्देश दिए हैं, ताकि प्रभावित क्षेत्र में पैदल मार्ग से सुरक्षित आवगमन व्यवस्था शीघ्र सुचारू की जा सके।
निरीक्षण के दौरान एसपी सरिता डोबाल,एसडीएम बृजेश तिवारी,ईई एनएच मनोज कुमार रावत,ईई यूपीसीएल धर्मवीर सिंह,ईई सिंचाई पन्नी लाल बंगारी,समन्वयक आपदा जय पंवार सहित अन्य अधिकारी एवं ग्रामीण उपस्थित रहे।

ये भी पढ़ें:  जन्नत की तरह दिखता है कुशकल्याण ट्रैक यहां से होते हैं हिमालय के दर्शन

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *