उत्तरकाशी,
रिपोर्ट महावीर सिंह राणा
चारधाम यात्रा की गरिमा, सुरक्षा और धार्मिक शुचिता बनाए रखने के लिए उत्तराखंड सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। अब केदारनाथ, बदरीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री धाम में फिल्म, ब्लॉग, व्लॉग या सोशल मीडिया रील बनाने वाले कंटेंट क्रिएटर्स को पहले प्रशासन से अनुमति लेना अनिवार्य होगा।
उत्तराखंड फिल्म विकास परिषद द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार चारधाम क्षेत्र में किसी भी प्रकार की सोशल मीडिया शूटिंग या कंटेंट निर्माण बिना अनुमति के नहीं किया जा सकेगा। इसके लिए परिषद ने एक https://ufdc.uk.gov.in आधिकारिक पोर्टल विकसित किया है, जहां कंटेंट क्रिएटर्स को अपना आवेदन ऑनलाइन करना होगा।
आवेदन में नाम, आधार कार्ड, सोशल मीडिया प्रोफाइल लिंक, प्रस्तावित कंटेंट का विवरण तथा शूटिंग की अवधि जैसी जानकारियां देना अनिवार्य होगा। आवेदन की जांच उत्तराखंड फिल्म विकास परिषद द्वारा की जाएगी, जिसके बाद अंतिम स्वीकृति के लिए संबंधित जिलाधिकारी को भेजा जाएगा।
जिलाधिकारी की अनुमति मिलने के बाद ही कंटेंट क्रिएटर्स चारधाम क्षेत्र में शूटिंग कर सकेंगे। साथ ही शूटिंग के दौरान जारी अनुमति पत्र संबंधित मंदिर समिति को दिखाना भी अनिवार्य होगा।
सरकार का मानना है कि हाल के वर्षों में सोशल मीडिया कंटेंट निर्माण के बढ़ते चलन के कारण कई बार धार्मिक स्थलों की गरिमा प्रभावित होने तथा अव्यवस्था की स्थिति उत्पन्न होने की शिकायतें सामने आई थीं। नई व्यवस्था का उद्देश्य चारधाम यात्रा की पवित्रता, श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को बनाए रखना है।
यह निर्णय चारधाम यात्रा प्रबंधन में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे धार्मिक स्थलों पर अनियंत्रित शूटिंग और अनावश्यक भीड़ पर प्रभावी नियंत्रण किया जा सकेगा।
चारधाम यात्रा में अब बिना अनुमति नहीं बनेंगे रील-वीडियो, सरकार ने लागू की नई व्यवस्था

