उत्तरकाशी।
रिपोर्ट महावीर सिंह राणा
मानव तस्करी, बाल शोषण और साइबर अपराधों की रोकथाम को लेकर उत्तरकाशी पुलिस ने दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया। अभियान के तहत ग्रामीणों को मानव तस्करी, बाल श्रम, बाल विवाह, बाल भिक्षावृत्ति, महिला एवं बाल अपराधों के प्रति जागरूक करने के साथ-साथ विभिन्न हेल्पलाइन सेवाओं की जानकारी भी दी गई।

जनपद की एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (AHTU) की टीम ने मोरी विकासखंड के मौताड़ और आराकोट गांवों के अलावा नौगांव क्षेत्र के थान गांव में जनसंपर्क कार्यक्रम आयोजित किए। इस दौरान ग्रामीणों, महिलाओं और युवाओं को बताया गया कि मानव तस्करी और बाल शोषण जैसी घटनाओं की समय रहते सूचना देना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।

कार्यक्रमों में आपातकालीन सेवा 112, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, साइबर हेल्पलाइन 1930, जीरो एफआईआर और पॉक्सो एक्ट से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां साझा की गईं। पुलिस अधिकारियों ने साइबर ठगी के बढ़ते मामलों को देखते हुए लोगों को सोशल मीडिया और ऑनलाइन लेनदेन के दौरान सतर्क रहने की सलाह भी दी।
उधर, मोरी क्षेत्र के आराकोट में मानव तस्करी की आशंकाओं को देखते हुए संभावित संवेदनशील स्थानों पर विशेष चेकिंग अभियान चलाया गया। पुलिस टीम ने सीमावर्ती क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाते हुए संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी और स्थानीय लोगों से सहयोग की अपील की।

पुलिस का कहना है कि मानव तस्करी, बाल विवाह, बाल शोषण, साइबर अपराध या किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस अथवा संबंधित हेल्पलाइन नंबरों पर दी जानी चाहिए, ताकि समय रहते प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

