उत्तरकाशी।
रिपोर्ट महावीर सिंह राणा
आज के दौर में जहां बच्चे आधुनिक तकनीक और डिजिटल दुनिया की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं, वहीं अपनी जड़ों, संस्कृति और परंपराओं से उनका जुड़ाव बनाए रखना भी उतना ही आवश्यक है। इसी उद्देश्य को साकार करने के लिए एवरेस्ट विजेता कु. सविता कंसवाल पीएम श्री राजकीय आदर्श इंटर कॉलेज मनेरी में आयोजित सात दिवसीय भारतीय भाषा समर कैंप का मंगलवार को
पुरस्कार वितरण समारोह के साथ भव्य समापन हुआ।
27 मई 2026 से 2 जून 2026 तक चले इस विशेष समर कैंप में कक्षा 6 से 12 तक के छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कैंप के दौरान विद्यार्थियों को केवल मनोरंजक गतिविधियों तक सीमित नहीं रखा गया, बल्कि उन्हें शारीरिक, मानसिक, बौद्धिक एवं सांस्कृतिक रूप से सशक्त बनाने का प्रयास किया गया।

भाषा, संस्कृति और परंपराओं से कराया परिचय
समर कैंप में बच्चों को गढ़वाली और बंगाणी भाषा की बारीकियों से परिचित कराया गया। साथ ही स्थानीय लोक संस्कृति, रीति-रिवाज, पारंपरिक खान-पान, लोकगीत, लोककथाएं और सामाजिक मूल्यों की जानकारी भी दी गई। विद्यार्थियों को बताया गया कि अपनी मातृभाषा और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित रखना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है।
कैंप के दौरान बच्चों ने अपनी क्षेत्रीय बोलियों को सीखने और समझने में विशेष रुचि दिखाई। इससे उनमें अपनी पहचान और स्थानीय संस्कृति के प्रति गर्व की भावना विकसित हुई।

योग और रचनात्मक गतिविधियों से बढ़ा आत्मविश्वास
सात दिवसीय शिविर में योग, खेलकूद, समूह चर्चा, भाषाई गतिविधियां, रचनात्मक लेखन, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और व्यक्तित्व विकास से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों के भीतर अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, टीम भावना और आत्मविश्वास का विकास हुआ।

शिविर में बच्चों को मानसिक रूप से मजबूत बनाने, सकारात्मक सोच विकसित करने तथा स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के गुण भी सिखाए गए। योग और ध्यान के माध्यम से तनाव प्रबंधन और एकाग्रता बढ़ाने के उपायों की जानकारी दी गई।
प्रतिभाओं को मिला सम्मान
समापन समारोह के अवसर पर विभिन्न गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। बच्चों के चेहरों पर पुरस्कार प्राप्त करने की खुशी साफ झलक रही थी। विद्यालय परिवार ने सभी प्रतिभागियों की सराहना करते हुए उन्हें भविष्य में भी इसी तरह सक्रिय रहने के लिए प्रेरित किया।
बच्चों के सर्वांगीण विकास का सशक्त माध्यम
विद्यालय के प्रधानाचार्य गुलाब सिंह मेहर ने कहा कि इस प्रकार के समर कैंप बच्चों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि विद्यालय शिक्षा केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि विद्यार्थियों को जीवनोपयोगी कौशल, सामाजिक मूल्यों और सांस्कृतिक समझ से भी जोड़ना आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रमों से बच्चों का मानसिक एवं शारीरिक स्वास्थ्य बेहतर होता है, नई जानकारियां प्राप्त होती हैं तथा उन्हें अपनी संस्कृति, परंपराओं, खान-पान और रहन-सहन के बारे में गहराई से जानने का अवसर मिलता है। यही ज्ञान भविष्य में उन्हें एक जिम्मेदार और जागरूक नागरिक बनने की दिशा में प्रेरित करता है।

शिक्षा नीति की भावना को मिला बलनई
समर कैंप ने नई शिक्षा नीति की उस अवधारणा को भी मजबूती प्रदान की, जिसमें मातृभाषा, स्थानीय ज्ञान, कौशल विकास और अनुभवात्मक शिक्षा पर विशेष जोर दिया गया है। कैंप के माध्यम से विद्यार्थियों को सीखने का ऐसा वातावरण मिला, जहां शिक्षा, संस्कृति और मनोरंजन का सुंदर समन्वय देखने को मिला।

