बड़कोट/उत्तरकाशी।
तहसील बड़कोट के पौंटी क्षेत्र में यमुना नदी से कथित अवैध खनन की शिकायत ने प्रशासन को स्टोन क्रेशर तक पहुंचा दिया। शिकायत के बाद सोमवार को राजस्व एवं खनन विभाग की संयुक्त टीम ने इदेली तोक स्थित शिवम स्टोन क्रेशर पर औचक छापा मारा। जांच के दौरान मौके पर मिले उपखनिज के स्टॉक और ई-रवन्ना पोर्टल पर दर्ज मात्रा में बड़ा अंतर सामने आने के बाद प्रशासन ने क्रेशर को अग्रिम आदेशों तक सीज कर दिया।
प्रशासन के अनुसार, क्रेशर से नदी की ओर जाने वाला वह रास्ता, जिसे पूर्व में बंद किया गया था, मौके पर खुला पाया गया। जांच के दौरान प्लांट परिसर में नदी से लाया गया उपखनिज आरबीएम जमा होने की बात भी सामने आई।
कागजों में 8,984 टन, मौके पर 9,744 टन—760 टन का अंतर
जांच के दौरान क्रेशर परिसर में कुल आठ ढेरों की पैमाइश की गई। ई-रवन्ना पोर्टल पर जहां 8,984.26 टन उपखनिज दर्ज था, वहीं मौके पर 9,744.30 टन उपखनिज पाया गया।
यानी पोर्टल पर दर्ज मात्रा के मुकाबले मौके पर 760.04 टन अधिक उपखनिज मिला। इसी अंतर को आधार बनाते हुए विभाग ने इसे अवैध खनन, परिवहन एवं भंडारण के प्रावधानों के तहत कार्रवाई योग्य माना।
₹2.43 लाख का जुर्माना, पोर्टल भी बंद
विभाग ने नियमावली के प्रावधानों के तहत ₹2,43,213 का जुर्माना आरोपित किया है। इसके साथ ही शिवम स्टोन क्रेशर को अग्रिम आदेशों तक सीज कर दिया गया तथा क्रेशर का पोर्टल भी बंद कर दिया गया है।
प्रशासन ने क्रेशर संचालक को स्पष्ट चेतावनी दी है कि सीज अवधि के दौरान प्लांट में किसी भी प्रकार की गतिविधि नहीं की जाएगी। आदेश का उल्लंघन मिलने पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
सवाल सिर्फ 760 टन का नहीं, नदी तक खुले रास्ते ने भी बढ़ाई चिंता

इस कार्रवाई में सबसे अहम सवाल सिर्फ स्टॉक में मिले अंतर का नहीं, बल्कि क्रेशर से यमुना नदी की ओर जाने वाले पूर्व में बंद रास्ते के खुले मिलने का भी है। प्रशासन अब इस पूरे मामले में नियमों के उल्लंघन की कड़ियों को जोड़ रहा है।
यदि नदी से उपखनिज उठाकर क्रेशर तक पहुंचाने की पुष्टि होती है, तो मामला केवल स्टॉक में अंतर तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि अवैध खनन, परिवहन और भंडारण के स्तर पर भी जांच का दायरा बढ़ सकता है।
एसडीएम बोले—सूचना मिलते ही होगी कार्रवाई
उपजिलाधिकारी बड़कोट बृजेश तिवारी ने कहा कि तहसील क्षेत्र में अवैध खनन एवं अवैध परिवहन को लेकर लगातार औचक निरीक्षण किए जा रहे हैं। किसी भी स्थान से सूचना प्राप्त होने पर टीम भेजकर तत्काल कार्रवाई की जाती है।
खनन अधिकारी का दो टूक संदेश—अवैध खनन की किसी को छूट नहीं
जिला खान अधिकारी प्रदीप कुमार ने कहा कि जनपद में अवैध खनन एवं परिवहन की रोकथाम के लिए लगातार निगरानी की जा रही है। जहां टीम को पहुंचने में समय लग सकता है, वहां संबंधित उपजिलाधिकारी के सहयोग से तत्काल कार्रवाई कराई जाती है।
उन्होंने कहा कि जनपद में किसी भी व्यक्ति या खनन कारोबारी को अवैध खनन की छूट नहीं है। सूचना मिलने पर कार्रवाई निश्चित रूप से की जाएगी। लगातार की जा रही कार्रवाई से पिछले दो वर्षों में राजस्व में भी वृद्धि हुई है।
संयुक्त टीम ने की पैमाइश और सीलिंग
कार्रवाई के दौरान उपजिलाधिकारी बड़कोट के साथ राजस्व उपनिरीक्षक पौंटी, सहायक खनिज पर्यवेक्षक, खनन विभाग तथा नायब तहसीलदार बड़कोट सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
अब बड़ा सवाल:
क्या क्रेशर परिसर में मिले अतिरिक्त 760.04 टन उपखनिज का स्रोत क्या था और नदी की ओर खुला मिला रास्ता कब और कैसे खुला?
इन सवालों के जवाब जांच की अगली कार्रवाई में सामने आना बाकी है।

