चिन्यालीसौड़/उत्तरकाशी।
रिपोर्ट महावीर सिंह राणा
चारधाम यात्रा के बीच ऑल वेदर रोड पर लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाओं को लेकर अब जनप्रतिनिधियों का गुस्सा खुलकर सामने आने लगा है। नगर पालिका परिषद चिन्यालीसौड़ के अध्यक्ष मनोज कोहली “श्याम” ने जिलाधिकारी उत्तरकाशी को कड़ा पत्र भेजते हुए BRO और संबंधित विभागों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
अध्यक्ष द्वारा भेजे गए पत्र में कहा गया है कि 02 मार्च 2026 को BRO, प्रशासन और संबंधित विभागों के साथ संयुक्त निरीक्षण के दौरान ऑल वेदर रोड पर 22 खतरनाक ब्लैक स्पॉट चिन्हित किए गए थे। इसके बावजूद आज तक इन स्थानों पर सुरक्षा कार्य शुरू नहीं किए गए, जिसके चलते लगातार दुर्घटनाएं हो रही हैं और लोगों की जान जा रही है।

इन स्थानों को बताया गया सबसे खतरनाक
पत्र में जिन स्थानों का उल्लेख किया गया है उनमें —
ऑल वेदर रोड बायपास
पीपलमंडी टीला
धनपुर बैंड
बड़ेथी खाला
श्यामपुर दीवार
चिन्याली-चुपल्या चौराहा
सहित कई अन्य क्षेत्र शामिल हैं।
इन स्थानों पर अधूरे निर्माण कार्य, फुटपाथ व रेलिंग का अभाव, जलभराव, संकेतक लाइटों की कमी और सड़क सुरक्षा मानकों की अनदेखी को दुर्घटनाओं का बड़ा कारण बताया गया है।
“अब कोई बड़ी दुर्घटना हुई तो जिम्मेदार कौन?”
पालिका अध्यक्ष ने साफ चेतावनी दी है कि चारधाम यात्रा शुरू होने के बावजूद यदि सुरक्षा कार्यों में लापरवाही जारी रही और भविष्य में कोई बड़ी दुर्घटना होती है, तो उसका सीधा प्रशासनिक उत्तरदायित्व तय माना जाएगा।
उन्होंने मांग की है कि —
BRO 36 BRTF को तत्काल नोटिस जारी किया जाए,
24 घंटे के भीतर सभी ब्लैक स्पॉट पर सुरक्षा कार्य शुरू हों,
ऑल वेदर रोड का सेफ्टी ऑडिट कराया जाए,
तथा मौतों के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय कर जांच बैठाई जाए।
BRO की चुप्पी पर उठ रहे सवाल
स्थानीय लोगों का कहना है कि ऑल वेदर रोड परियोजना का उद्देश्य यात्रा को सुरक्षित और सुगम बनाना था, लेकिन कई स्थानों पर अधूरे कार्य और सुरक्षा इंतजामों की कमी अब लोगों की जान पर भारी पड़ रही है। लगातार हो रही दुर्घटनाओं के बावजूद जिम्मेदार एजेंसियों की सुस्ती सवालों के घेरे में है।

पालिका अध्यक्ष ने इस मामले की प्रतिलिपि मुख्यमंत्री उत्तराखंड, केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री, आयुक्त गढ़वाल मंडल और DG BRO को भी भेजी है।
जनता पूछ रही — आखिर कब खुलेगी BRO की आंख?
चारधाम यात्रा में लाखों श्रद्धालु उत्तराखंड पहुंच रहे हैं। ऐसे में यदि चिन्हित ब्लैक स्पॉट पर समय रहते सुरक्षा कार्य नहीं हुए, तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। अब देखना होगा कि BRO और प्रशासन इस चेतावनी को गंभीरता से लेते हैं या फिर किसी बड़े हादसे के बाद ही व्यवस्था जागेगी।

