बरसात की मार से पीली पड़ रही ‘सोने जैसी’ राजमा, सीमांत किसानों की टूटी उम्मीदें; सरकार से मदद की गुहार

उत्तरकाशी
रिपोर्ट: महावीर सिंह राणा
उत्तरकाशी जनपद के सीमांत विकासखंड भटवाड़ी के अंतर्गत कामर गांव में लगातार हो रही बारिश ने किसानों की मेहनत पर पानी फेरना शुरू कर दिया है। समुद्र तल से लगभग 1000 मीटर की ऊंचाई पर बसे इस गांव के अधिकांश परिवार खेती पर ही निर्भर हैं। इन दिनों खेतों में लहलहाने वाली राजमा की फसल अब पीली पड़ने लगी है, जिससे किसानों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि लगातार हो रही बारिश के कारण खेतों में पानी भर गया है। जलभराव की वजह से राजमा के पौधों में पीलापन आ गया है और फसल तेजी से खराब होने लगी है। यदि मौसम में जल्द सुधार नहीं हुआ तो इस वर्ष किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।
ग्रामीणों ने बताया कि पहले जंगली जानवर उनकी फसलों को नुकसान पहुंचाते थे, लेकिन इस बार प्रकृति की मार ने उनकी कमर तोड़ दी है। किसानों का कहना है कि उन्होंने पूरे वर्ष की उम्मीद इसी फसल से लगाई थी, लेकिन अब उनकी मेहनत बर्बाद होती दिखाई दे रही है।

ये भी पढ़ें:  रोज़ी-रोटी की तलाश में घर से हजारों किलोमीटर दूर गया एक बेटा, अब ताबूत में लौटकर आया


महिलाओं और पुरुष किसानों ने प्रशासन व कृषि विभाग से मांग की है कि गांव में विशेषज्ञों की टीम भेजी जाए, फसल का निरीक्षण कराया जाए तथा आवश्यक कीटनाशक एवं तकनीकी सलाह उपलब्ध कराई जाए। साथ ही प्रभावित किसानों को आर्थिक सहायता और मुआवजा भी दिया जाए ताकि उनकी आजीविका पर संकट न आए।

कामर गांव की राजमा अपने उत्कृष्ट स्वाद और गुणवत्ता के लिए क्षेत्र में अलग पहचान रखती है। यहां पतले और मोटे छिलके वाली दोनों किस्मों की राजमा उगाई जाती है, जिसकी बाजार में अच्छी मांग रहती है और इसका मूल्य लगभग ₹350 प्रति किलोग्राम तक मिलता है। यदि इसी तरह फसल खराब होती रही तो किसानों के साथ-साथ स्थानीय कृषि अर्थव्यवस्था पर भी इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।

ग्रामीणों का कहना है कि सरकार और कृषि विभाग यदि समय रहते हस्तक्षेप करें तो अभी भी फसल के एक बड़े हिस्से को बचाया जा सकता है। किसानों ने उम्मीद जताई है कि उनकी समस्या को गंभीरता से लेते हुए शीघ्र राहत और सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *