उत्तरकाशी से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है। गंगोत्री से केदारताल ट्रैक पर गए आठ लोग अब भी लापता हैं। कई दिनों से लगातार सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है, लेकिन अब तक लापता ट्रैकर्स और गाइड का कोई सुराग नहीं मिल पाया है। खराब मौसम, भारी बर्फबारी और हिमस्खलन का खतरा रेस्क्यू टीमों के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है।
दरअसल, 27 अक्टूबर को 12 सदस्यीय दल गंगोत्री से केदारताल ट्रैक के लिए रवाना हुआ था। इस दल में सात ट्रैकर्स, एक गाइड, एक कुक और तीन पोर्टर शामिल थे। 29 अक्टूबर को दल की वापसी होनी थी, लेकिन खराब मौसम और भारी बर्फबारी के चलते पूरा दल भोजखड़क के समीप फंस गया।
सूचना मिलने के बाद उत्तरकाशी जिला प्रशासन ने एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, वन विभाग, पुलिस और स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर सर्च एंड रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। 31 अक्टूबर को रेस्क्यू टीम ने बर्फ हटाकर नया रास्ता बनाया और कच्ची डांग के समीप से तीन पोर्टर और एक कुक समेत चार लोगों को सुरक्षित रेस्क्यू कर गंगोत्री पहुंचाया। हालांकि, बाकी आठ लोगों का अब तक कोई पता नहीं चल पाया है।
इसके बाद 31 अक्टूबर को हेलीकॉप्टर के माध्यम से केदारताल के मध्य क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन चलाया गया, लेकिन वहां भी लापता ट्रैकर्स और उनका सामान दिखाई नहीं दिया। एक नवंबर को यूकाड़ा के हेलीकॉप्टर से एसडीआरएफ के जवानों के साथ दोबारा सघन सर्च अभियान चलाया गया, लेकिन खराब मौसम के चलते अभियान रोकना पड़ा।
“केदारताल ट्रैक पर लापता आठ लोगों की तलाश के लिए जिला प्रशासन पूरी गंभीरता के साथ लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन चला रहा है। एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, आईटीबीपी, पुलिस और वन विभाग की टीमें आपसी समन्वय के साथ काम कर रही हैं। खराब मौसम, भारी बर्फबारी और हिमस्खलन के खतरे के कारण रेस्क्यू अभियान में चुनौतियां आ रही हैं। मौसम अनुकूल होते ही सर्च ऑपरेशन को और तेज किया जाएगा। हमारी प्राथमिकता सभी लापता लोगों का पता लगाना और उन्हें सुरक्षित बाहर निकालना है।”
फिलहाल एनडीआरएफ की स्पेशल एमआरटी टीम, चिकित्सकीय दल और ट्रैकिंग एजेंसी के सदस्यों के साथ पैदल रेस्क्यू अभियान की तैयारी की गई है। प्रशासन की ओर से मौसम साफ होने पर दोबारा सर्च ऑपरेशन तेज करने की बात कही जा रही है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि बर्फ की सफेद चादर के बीच फंसे उन आठ लोगों का आखिर कब तक पता चल पाएगा।

