उत्तरकाशी। टीबी मुक्त भारत अभियान को जन-जन तक पहुंचाने के लिए उत्तरकाशी में अब युवाओं की टीम मैदान में उतर गई है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से JOSH (Joint Squad for Health) टीमों का शुभारंभ किया गया। गंगोत्री विधायक सुरेश सिंह चौहान ने JOSH टीम के वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

इस दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष रमेश चौहान और जिलाधिकारी डॉ. प्रशांत आर्य समेत स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम के बाद जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने JOSH सेल्फी प्वाइंट पर फोटो खिंचवाकर अभियान के प्रति अपना समर्थन भी जताया।
गांव-गांव पहुंचेगी टीम, लोगों को करेगी जागरूक
JOSH टीमों को विकासखंड स्तर पर तैयार किया गया है। ये टीमें ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में पहुंचकर लोगों को टीबी के लक्षण, बचाव, समय पर जांच और नियमित उपचार के बारे में जागरूक करेंगी। संदिग्ध मरीजों को स्वास्थ्य केंद्र तक पहुंचाने और उपचार पूरा कराने के लिए भी टीम लोगों को प्रेरित करेगी।

इस अभियान में युवा, माय भारत स्वयंसेवक, प्रथम श्रेणी के अधिकारी और एनसीसी कैडेट सक्रिय भूमिका निभाएंगे। इसका उद्देश्य टीबी के खिलाफ चल रही मुहिम को गांव-गांव तक मजबूत करना है।
विधायक बोले—युवाओं की भागीदारी से अभियान को मिलेगी मजबूती

गंगोत्री विधायक सुरेश सिंह चौहान ने कहा कि टीबी को खत्म करने के लिए समाज के हर वर्ग की भागीदारी जरूरी है। युवाओं की सक्रिय भागीदारी से जागरूकता का संदेश दूरस्थ गांवों तक आसानी से पहुंचाया जा सकेगा। उन्होंने युवाओं और आमजन से इस अभियान में बढ़-चढ़कर सहयोग करने की अपील की।
डीएम ने बताया सामूहिक प्रयास को जरूरी
जिलाधिकारी डॉ. प्रशांत आर्य ने कहा कि टीबी उन्मूलन के लक्ष्य को हासिल करने के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी हैं। JOSH टीमों के माध्यम से दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले लोगों तक टीबी की पहचान, जांच और उपचार को लेकर जागरूकता पहुंचाने में मदद मिलेगी।
दो सप्ताह से ज्यादा खांसी हो तो जांच जरूर कराएं
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. श्याम विजय ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि यदि किसी व्यक्ति को दो सप्ताह या उससे अधिक समय तक खांसी, लगातार बुखार, वजन कम होना या रात में पसीना आने जैसी समस्या है तो वह तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराए।
उन्होंने कहा कि टीबी का उपचार संभव है और समय पर जांच व पूरा उपचार ही इससे बचाव की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी है।
टीबी के लक्षणों को नजरअंदाज न करें—समय पर जांच कराएं, पूरा इलाज लें और टीबी मुक्त उत्तरकाशी के अभियान में सहयोग करें।

