उत्तरकाशी
रिपोटर महावीर सिंह राणा
चारधाम यात्रा 2026 के दौरान श्रद्धालुओं की स्वास्थ्य सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए स्वास्थ्य विभाग उत्तरकाशी पूरी तरह अलर्ट मोड में नजर आ रहा है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. बी. एस. रावत के दिशा-निर्देशों पर शनिवार को अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी एवं यमुनोत्री धाम के नोडल अधिकारी डॉ. आर. सी. आर्य ने यमुनोत्री यात्रा मार्ग का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। वहीं डॉ. कुलवीर राणा द्वारा हीना स्क्रीनिंग सेंटर और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मनेरी का निरीक्षण किया गया।
निरीक्षण के दौरान बड़कोट दोबाटा स्क्रीनिंग सेंटर से लेकर यमुनोत्री धाम पैदल मार्ग तक संचालित चिकित्सा इकाइयों एवं एफएमआर केंद्रों की व्यवस्थाओं को परखा गया। डॉ. आर्य ने बताया कि यात्रा मार्ग पर स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत और सक्रिय रखा गया है ताकि किसी भी आपात स्थिति में श्रद्धालुओं को त्वरित उपचार मिल सके।
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने यात्रा मार्ग पर मौजूद श्रद्धालुओं से सीधे संवाद कर चिकित्सा सुविधाओं को लेकर फीडबैक भी लिया। श्रद्धालुओं ने स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर संतोष जताया।

जानकीचट्टी में पोर्टेबल ईसीजी मशीन की सुविधा
यात्रा के दौरान हृदय संबंधी समस्याओं को देखते हुए जानकीचट्टी चिकित्सालय में पोर्टेबल ईसीजी मशीन उपलब्ध कराई गई है। इसके संचालन के लिए अतिरिक्त चिकित्सक और टेक्नीशियन की तैनाती भी की गई है। प्रतिदिन कम से कम 20 श्रद्धालुओं की ईसीजी जांच की जाएगी। यदि कोई यात्री हाई रिस्क श्रेणी में पाया जाता है तो उसे तत्काल जिला चिकित्सालय उत्तरकाशी रेफर किया जाएगा।
पैदल मार्ग पर बनाए गए नए ऑक्सीजन प्वाइंट
यमुनोत्री पैदल यात्रा मार्ग पर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए चार नए ऑक्सीजन प्वाइंट स्थापित किए गए हैं। ये प्वाइंट जंगलात वैकल्पिक मार्ग, भंडेली गाड़ पुल, भैरव मंदिर के समीप और अठारह कैंची क्षेत्र में बनाए गए हैं, ताकि जरूरत पड़ने पर यात्रियों को तुरंत ऑक्सीजन उपलब्ध कराई जा सके।

स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह सतर्क
चारधाम यात्रा के दौरान स्वास्थ्य विभाग की सक्रियता और व्यवस्थाओं को देखकर साफ है कि इस बार यात्रा को सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग पूरी मुस्तैदी के साथ कार्य कर रहा है। यात्रा मार्ग पर चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार से श्रद्धालुओं को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

