देहरादून
रिपोर्ट महावीर सिंह राणा
देहरादून के प्रेमनगर थाना क्षेत्र में मंगलवार देर रात उस वक्त हड़कंप मच गया, जब कंट्रोल रूम के जरिए सूचना मिली कि एक व्यक्ति को लूट के दौरान गोली मार दी गई है। सूचना मिलते ही प्रभारी निरीक्षक नरेश राठौर अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे।
घटनास्थल पर उन्हें घायल अवस्था में एक युवक मिला, जिसने अपना नाम देवराज बताया। खून से लथपथ देवराज ने जो कहानी सुनाई, उसने पुलिस को तुरंत एक्शन में ला दिया।
“काली कार में आए बदमाश… और फिर चली गोली”
देवराज के मुताबिक, काले रंग की गुजरात नंबर की कार में सवार बदमाशों ने उसे तमंचे की नोक पर रोका, लूटपाट की और फिर गोली मार दी। उसके बैग में रखे करीब 2 लाख रुपये, मोबाइल, जरूरी कागजात और डायरी बदमाश लूटकर फरार हो गए।
घायल को प्राथमिक उपचार देने के बाद पुलिस ने तुरंत बदमाशों का पीछा शुरू किया।
जंगल में पीछा और मुठभेड़
कुछ ही दूरी पर पुलिस को वही काली कार जंगल की ओर जाती दिखी। पुलिस ने घेराबंदी की, लेकिन बदमाशों ने गाड़ी छोड़कर जंगल में भागते हुए पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी।
इस दौरान एक गोली प्रभारी निरीक्षक नरेश राठौर को भी लग गई, जिससे हालात और गंभीर हो गए।
जवाबी कार्रवाई में एक बदमाश ढेर
आत्मरक्षा में पुलिस ने भी जवाबी फायरिंग की। इस मुठभेड़ में एक बदमाश गोली लगने से घायल हो गया, जबकि उसके साथी अंधेरे का फायदा उठाकर जंगल में फरार हो गए।
घायल बदमाश, पीड़ित देवराज और घायल इंस्पेक्टर को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया। बाद में तीनों को हायर सेंटर रेफर किया गया।

अस्पताल में बदमाश की मौत
इलाज के दौरान घायल बदमाश को कोरोनेशन अस्पताल, देहरादून लाया गया, जहां उसकी मौत हो गई। पुलिस अब उसकी पहचान और बाकी फरार साथियों की तलाश में जुटी है।
पूरे जिले में अलर्ट
घटना की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी देहरादून और एसपी सिटी देहरादून मौके पर पहुंचे। पूरे जिले में नाकाबंदी कर दी गई है और सभी बॉर्डर पर सघन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है।
पुलिस अब फरार बदमाशों की तलाश में जंगलों में सर्च ऑपरेशन चला रही है। साथ ही मृत बदमाश की पहचान और उसके नेटवर्क को खंगाला जा रहा है।
यह घटना एक बार फिर दिखाती है कि अपराधी कितने शातिर हो सकते हैं—लेकिन पुलिस की त्वरित कार्रवाई ने बड़े खतरे को टाल दिया।

