उत्तरकाशी
रिपोर्ट महावीर सिंह राणा
उत्तराखंड में सुरक्षित मातृत्व को प्राथमिकता देते हुए जनपद उत्तरकाशी में स्वास्थ्य विभाग ने व्यापक जन-जागरूकता अभियान शुरू कर दिया है। उत्तरकाशी में चलाए जा रहे इस सघन अभियान का उद्देश्य गर्भवती महिलाओं को सुरक्षित प्रसव और बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है।
सचिव, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, उत्तराखंड द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुपालन में यह अभियान निरंतर संचालित किया जा रहा है। इसके तहत स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाकर गर्भवती महिलाओं और उनके परिजनों से संपर्क स्थापित कर रही हैं। आई.पी.सी. (Inter Personal Communication) बैठकों के माध्यम से संस्थागत प्रसव के महत्व और उसके लाभों की विस्तृत जानकारी दी जा रही है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. बी.एस. रावत ने बताया कि अभियान को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार की गई है। इसके तहत जनपद के सभी विकासखंडों में कुल 48 विशेष स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए जाएंगे।
इन शिविरों के सफल संचालन के लिए सभी ब्लॉक प्रभारी चिकित्सा अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे चिकित्सा अधिकारी के नेतृत्व में टीमों का गठन करें। इन टीमों में एएनएम, फार्मासिस्ट, सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी, आशा कार्यकर्ता और आशा फैसिलिटेटर शामिल होंगे, जो समन्वय के साथ कार्य करेंगे।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार चयनित आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में इन शिविरों का आयोजन किया जाएगा। शिविरों के दौरान गर्भवती महिलाओं को संस्थागत प्रसव के लाभ, सुरक्षित प्रसव सेवाएं और मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां प्रदान की जाएंगी।
इसके साथ ही स्वास्थ्य विभाग द्वारा व्यापक स्तर पर जन-जागरूकता अभियान चलाकर समुदाय की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है, ताकि हर गर्भवती महिला को समय पर उचित देखभाल और सुरक्षित प्रसव की सुविधा मिल सके।
स्वास्थ्य विभाग की यह पहल उत्तरकाशी में मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को कम करने और सुरक्षित मातृत्व को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है।
उत्तरकाशी में सुरक्षित मातृत्व पर बड़ा अभियान: 48 विशेष स्वास्थ्य शिविर होंगे आयोजित

