उत्तरकाशी
(गंगोत्री एक्सप्रेस)।
लोकतंत्र के चौथे स्तंभ मीडिया और प्रशासनिक व्यवस्था के बीच बेहतर समन्वय, सौहार्द और सकारात्मक संवाद को मजबूत करने के उद्देश्य से रविवार को मनेरा स्टेडियम में जिला प्रशासन इलेवन एवं पत्रकार इलेवन के बीच खेले गए मैत्री क्रिकेट मैच ने खेल भावना का शानदार संदेश दिया। रोमांच से भरपूर इस मुकाबले में जिला प्रशासन की टीम ने अंतिम ओवर की आखिरी गेंद पर चौका लगाकर जीत दर्ज की। निर्णायक क्षण में जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने बेहतरीन बल्लेबाजी का परिचय देते हुए विजयी चौका जड़कर दर्शकों की खूब तालियां बटोरीं।

मैच में टॉस जीतकर पत्रकार इलेवन ने पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 15 ओवरों में 130 रनों का चुनौतीपूर्ण लक्ष्य खड़ा किया। टीम की ओर से अतिरिक्त जिला सूचना अधिकारी सुरेश बरसियाटा ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए नाबाद 73 रन बनाए। जिला प्रशासन की ओर से भुवनेश भट्ट ने दो विकेट हासिल किए, जबकि डीएम प्रशांत आर्य और कर्मवीर ने एक-एक विकेट लिया।
लक्ष्य का पीछा करने उतरी जिला प्रशासन की टीम ने भी शानदार शुरुआत की। अंकेश ने 48 रनों की महत्वपूर्ण पारी खेली, जबकि निखिल बिष्ट ने 27 रन बनाकर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। अंतिम ओवर तक चले इस रोमांचक मुकाबले में डीएम प्रशांत आर्य ने धैर्य और संयम के साथ बल्लेबाजी करते हुए अंतिम गेंद पर चौका जड़कर अपनी टीम को यादगार जीत दिलाई। पत्रकार इलेवन की ओर से बलबीर परमार, जगदीश पंवार और अमेन्द्र बिष्ट ने एक-एक विकेट हासिल किया।
मैच का सबसे प्रेरणादायक पहलू जिलाधिकारी प्रशांत आर्य की सादगी और पर्यावरण के प्रति उनकी प्रतिबद्धता रही। सरकारी तामझाम से दूर डीएम स्वयं मोटर बाइक चलाकर मनेरा स्टेडियम पहुंचे। उनके इस कदम को खेल प्रेमियों और स्थानीय नागरिकों ने खूब सराहा।
जिलाधिकारी ने कहा कि खेल केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने का सबसे प्रभावी जरिया है। लगातार काम के दबाव के बीच ऐसे मैत्रीपूर्ण आयोजन कर्मचारियों और समाज के विभिन्न वर्गों के बीच तनाव कम करने, सकारात्मक ऊर्जा बढ़ाने और आपसी संवाद को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाते हैं।
यह मुकाबला इस बात का भी प्रतीक बना कि लोकतंत्र के दो महत्वपूर्ण स्तंभ—मीडिया और प्रशासन—जब खेल के मैदान में एक साथ उतरते हैं तो प्रतिस्पर्धा के साथ-साथ सहयोग, विश्वास और सामाजिक सौहार्द का संदेश भी मजबूत होता है। खेल को खेल भावना से खेलने की यही संस्कृति समाज में सकारात्मक सोच और मानसिक विकास को बढ़ावा देती है।

