उत्तरकाशी
संपादक गंगोत्री न्यूज़ एक्सप्रेस महावीर सिंह राणा
लोकतंत्र के सबसे बड़े पर्व को पारदर्शी और मजबूत बनाने के लिए उत्तरकाशी प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है। जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने रविवार को वर्चुअल माध्यम से एआरओ, एईआरओ एवं नोडल/सहायक नोडल अधिकारियों की महत्वपूर्ण बैठक लेते हुए भारत निर्वाचन आयोग द्वारा 1 जुलाई 2026 की अर्हता तिथि के आधार पर चलाए जा रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) कार्यक्रम की विस्तृत समीक्षा की।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों की जानकारी साझा करते हुए अधिकारियों को सभी कार्य तय समयसीमा के भीतर पूरी गंभीरता और पारदर्शिता के साथ संपन्न करने के निर्देश दिए।
29 मई से शुरू होगा प्रशिक्षण, 8 जून से घर-घर सत्यापन
बैठक में जानकारी दी गई कि 29 मई से 7 जून 2026 तक प्रशिक्षण एवं प्रिंटिंग कार्य पूरा किया जाएगा। इसके बाद 8 जून से 7 जुलाई तक बीएलओ घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन करेंगे और गणना प्रपत्र भरने का कार्य करेंगे।
इसके साथ ही 7 जुलाई तक मतदान केंद्रों का युक्तिकरण किया जाएगा, जबकि 14 जुलाई को मतदाता सूची के मसौदे का प्रकाशन होगा।
दावे और आपत्तियां दर्ज करने की प्रक्रिया 14 जुलाई से 13 अगस्त तक चलेगी, जबकि उनके निस्तारण की कार्रवाई 11 सितंबर तक पूरी की जाएगी। अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 15 सितंबर 2026 को किया जाएगा।
आईटी वॉलिंटियर्स भी रहेंगे तैनात
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि बीएलओ के साथ आईटी वॉलिंटियर्स की तैनाती सुनिश्चित की जाए ताकि फील्ड स्तर पर डाटा संकलन और सत्यापन कार्य तेजी और सटीकता के साथ हो सके। उन्होंने कहा कि मतदाताओं की पहचान, नागरिकता संबंधी दस्तावेजों का सत्यापन तथा नए मतदाताओं के पंजीकरण की प्रक्रिया निर्वाचन आयोग के मानकों के अनुरूप ही पूरी की जाए।
लोकतंत्र को मजबूत करने का अभियान
प्रशासन का यह अभियान केवल मतदाता सूची अपडेट करने तक सीमित नहीं है, बल्कि हर पात्र नागरिक को लोकतंत्र से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। ऐसे में आम जनता से भी अपील की गई है कि बीएलओ टीम को सही जानकारी देकर सहयोग करें ताकि कोई भी पात्र मतदाता सूची से वंचित न रहे।
मतदाता सूची पुनरीक्षण को लेकर प्रशासन अलर्ट, घर-घर पहुंचेगी बीएलओ टीम

