ब्रह्मकमल और भोजपत्र से तैयार राखियां बनीं आकर्षण का केंद्र, सशक्त बहना उत्सव से महिलाओं को मिला स्वावलंबन का मंच

उत्तरकाशी। सशक्त बहना उत्सव योजना के अंतर्गत उत्तरकाशी जिले में ग्रामीण महिलाओं को स्थानीय प्राकृतिक संसाधनों और पारंपरिक हुनर से जोड़ते हुए आत्मनिर्भरता की दिशा में सराहनीय पहल की जा रही है। मुख्य विकास अधिकारी श्री जय भारत सिंह, जिला मिशन प्रबंधक श्री वेद प्रकाश, खंड विकास अधिकारी भटवाड़ी डॉ. अमित ममगाईं एवं जिला विशेषज्ञ श्री प्रवेंद्र राणा के दिशा-निर्देशन में उत्तराखंड राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (UKSRLM) के अंतर्गत गठित ग्राम संगठनों की महिलाओं द्वारा ब्रह्मकमल एवं भोजपत्र जैसे स्थानीय प्राकृतिक संसाधनों से सुंदर एवं आकर्षक हस्तनिर्मित राखियां तैयार की जा रही हैं।
इस अभियान में गंगोत्री CLF हर्षिल के अंतर्गत जय दुर्गा माता VO, शिव शक्ति VO धराली एवं सोमेश्वर VO मुखबा की महिलाओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। वहीं मां गंगा CLF गंगोरी के अंतर्गत रिद्धि-सिद्धि VO एवं कचडू देवता VO की महिलाओं ने भी राखी निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

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स्थानीय प्राकृतिक संसाधनों से तैयार इन राखियों में उत्तरकाशी की लोक संस्कृति, महिलाओं की रचनात्मकता और पहाड़ी हुनर की झलक देखने को मिल रही है। खास बात यह है कि यह पहल केवल राखी निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्रामीण महिलाओं को उनके हुनर के माध्यम से आय के नए अवसर उपलब्ध कराने और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है।
महिलाओं द्वारा तैयार राखियों का विपणन 21 अगस्त से 27 अगस्त 2026 तक जिला मुख्यालय स्थित विकास भवन, कलेक्ट्रेट एवं विकासखंड मुख्यालय में स्टॉल लगाकर किया जाएगा। इससे स्थानीय स्तर पर तैयार उत्पादों को बाजार उपलब्ध होने के साथ ही महिलाओं को अपनी मेहनत और कला का उचित मूल्य प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।

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इस पहल को धरातल पर सफल बनाने में ब्लॉक मिशन मैनेजर सौरभ व्यास, कोऑर्डिनेटर आशुतोष एवं धनलक्ष्मी की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

सशक्त बहना उत्सव के माध्यम से भटवाड़ी ब्लॉक की ग्रामीण महिलाओं की सहभागिता, सामूहिक शक्ति और स्वावलंबन को नई पहचान मिल रही है। स्थानीय संसाधनों को आजीविका से जोड़कर महिलाओं द्वारा तैयार की जा रही ये राखियां महिला सशक्तीकरण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का एक सराहनीय उदाहरण बन रही हैं।

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