उत्तरकाशी
रिपोर्ट महावीर सिंह राणा
पूरे जिले के साथ-साथ मातली में भी डॉ. भीमराव आंबेडकर की जयंती श्रद्धा, सम्मान और प्रेरणा के साथ मनाई गई। इस अवसर पर कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में ब्लॉक प्रमुख राजदीप परमार उपस्थित रहे, जिनकी उपस्थिति ने आयोजन की गरिमा को और बढ़ा दिया।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने बाबा साहेब के संघर्षपूर्ण जीवन पर प्रकाश डालते हुए बताया कि कैसे उन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी शिक्षा को अपना सबसे बड़ा हथियार बनाया और समाज में व्याप्त भेदभाव के खिलाफ आजीवन संघर्ष किया। डॉ. भीमराव आंबेडकर ने भारतीय संविधान की रचना कर देश को ऐसी मजबूत नींव दी, जिस पर आज पूरा राष्ट्र आगे बढ़ रहा है। उनके द्वारा दिए गए समानता, न्याय और अधिकारों के सिद्धांत ही आज दुनिया को दिशा देने का काम कर रहे हैं।

मुख्य अतिथि राजदीप परमार ने अपने संबोधन में कहा कि बाबा साहेब के विचार आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं जितने पहले थे। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे शिक्षा को अपनाएं और समाज में समानता स्थापित करने के लिए आगे आएं।
कार्यक्रम के दौरान क्षेत्र के सम्मानित बुजुर्गों को सम्मानित किया गया, जो समाज के लिए प्रेरणास्रोत हैं। उपस्थित जनसमूह ने बाबा साहेब के आदर्शों को अपने जीवन में उतारने का संकल्प लिया।
यह आयोजन न केवल एक जयंती कार्यक्रम रहा, बल्कि समाज में जागरूकता, समानता और अधिकारों की भावना को मजबूत करने वाला एक प्रेरणादायक कदम भी साबित हुआ।

