उत्तरकाशी में टेंडर बवाल: ग्राम प्रधानों का अल्टीमेटम, 30 अप्रैल तक फैसला नहीं तो आंदोलन तय

उत्तरकाशी
रिपोर्ट महावीर सिंह राणा

उत्तरकाशी के डुंडा विकासखंड में टेंडर प्रक्रिया को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। ग्राम प्रधानों ने विकासखंड स्तर पर अपनाई जा रही सामग्री खरीद की प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाते हुए प्रशासन को सीधी चेतावनी दे दी है।
प्रधान संगठन डुंडा के अध्यक्ष विनोद पडियार ने खंड विकास अधिकारी को भेजे पत्र में आरोप लगाया है कि पूरे विकासखंड की 100 से अधिक ग्राम पंचायतों के लिए एक ही व्यक्ति को सामग्री आपूर्ति का जिम्मा दिया जा रहा है, जो न केवल अव्यवहारिक है बल्कि पारदर्शिता पर भी सवाल खड़े करता है।
प्रधानों का कहना है कि 103 ग्राम पंचायतों और 40 क्षेत्र पंचायत सदस्यों तक एक सप्लायर द्वारा समय पर और गुणवत्ता के साथ सामग्री पहुंचाना संभव नहीं है। खासकर दूरस्थ और दुर्गम गांवों में इससे योजनाएं प्रभावित हो सकती हैं।
👉 पहले भी उठ चुका है मुद्दा
प्रधानों के अनुसार यह मामला पहले भी कई बार अधिकारियों के सामने रखा जा चुका है, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला।
👉 अब आर-पार के मूड में प्रधान
प्रधान संगठन ने साफ कर दिया है कि अगर 30 अप्रैल तक टेंडर प्रक्रिया को निरस्त कर नई व्यवस्था लागू नहीं की गई, तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे।
⚠️ प्रशासन पर बढ़ा दबाव
चारधाम यात्रा के बीच इस तरह का विरोध प्रशासन के लिए नई चुनौती बन सकता है। यदि समय रहते समाधान नहीं निकला, तो इसका असर विकास कार्यों और प्रशासनिक व्यवस्था दोनों पर पड़ सकता है।
ग्राम प्रधानों की एकजुटता और सख्त रुख ने प्रशासन को बैकफुट पर ला दिया है। अब देखना होगा कि 30 अप्रैल से पहले प्रशासन कोई बड़ा फैसला लेता है या उत्तरकाशी में आंदोलन की चिंगारी भड़कती है।

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