उत्तरकाशी
रिपोर्ट महावीर सिंह राणा
उत्तरकाशी जनपद से एक ऐसी खबर सामने आई है, जो यह साबित करती है कि आज भी समाज में ईमानदारी और संस्कार जिंदा हैं।
नेताला से मातली की ओर आते समय श्री बृजमोहन (पुत्र श्री बच्चन लाल), निवासी मातली, का पर्स रास्ते में कहीं गिर गया। पर्स में ₹4520 नकद राशि के साथ-साथ जरूरी दस्तावेज भी मौजूद थे, जिससे उनके लिए बड़ी परेशानी खड़ी हो सकती थी।
इसी बीच भटवाड़ी टैक्सी स्टैंड के पास यह पर्स राहुल सैनी और उनकी बहन दिव्यांशी (निवासी उज्जेली) को मिला। दोनों भाई-बहन ने बिना किसी लालच के ईमानदारी और जिम्मेदारी का परिचय देते हुए पर्स को अपने पास रखने के बजाय तत्काल वहां मौजूद पुलिसकर्मी हेड कांस्टेबल विनोद पंवार को सौंप दिया।
पुलिस जवान विनोद पंवार ने भी तत्परता दिखाते हुए पर्स में मिले ATM कार्ड के आधार पर बैंक से पर्स मालिक की जानकारी जुटाई और उनसे संपर्क स्थापित किया। इसके बाद पर्स को सुरक्षित रूप से उसके असली मालिक तक पहुंचाया गया।
पर्स मिलने पर श्री बृजमोहन ने राहुल, दिव्यांशी और उत्तरकाशी पुलिस का दिल से आभार व्यक्त किया।
समाज के लिए संदेश

यह घटना सिर्फ एक पर्स मिलने और लौटाने की नहीं, बल्कि उस सोच और संस्कार की मिसाल है जो आज के दौर में सबसे ज्यादा जरूरी है। राहुल और दिव्यांशी जैसे युवा यह साबित करते हैं कि ईमानदारी अभी भी जिंदा है—बस उसे पहचानने और सराहने की जरूरत है।
👉 उत्तरकाशी पुलिस ने भी दोनों भाई-बहन की ईमानदारी की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।
✍️ निष्कर्ष:
जहां एक ओर दुनिया में नकारात्मक खबरें सुर्खियां बनती हैं, वहीं ऐसी सकारात्मक घटनाएं समाज में भरोसा और इंसानियत को जिंदा रखने का काम करती हैं।

