टिहरी
गंगोत्री न्यूज़ एक्सप्रेस ब्यूरो
Trans Bharat Aviation के हेलीकॉप्टर के साथ आज टिहरी गढ़वाल के चम्बा-आराकोट से सत्यो-सकलाना क्षेत्र के बीच आसमान में बड़ा हादसा होते-होते टल गया। बद्रीनाथ धाम से यात्रियों को लेकर गुप्तकाशी जा रहा हेलीकॉप्टर अचानक वीआईपी मूवमेंट के कारण मिले मैसेज के बाद अपना निर्धारित रूट बदलकर सीधे देहरादून की ओर रवाना हुआ।
बताया जा रहा है कि रूट बदलने के दौरान हेलीकॉप्टर के पिछले रोटर में 11000 वोल्ट की हाईटेंशन बिजली लाइन का तार फंस गया, जिससे हेलीकॉप्टर हवा में बुरी तरह अनियंत्रित होकर हिचकोले खाने लगा। प्रत्यक्षदर्शियों और यात्रियों के अनुसार कुछ देर के लिए ऐसा लगा मानो हेलीकॉप्टर कभी भी क्रैश हो सकता है।
लेकिन इस भयावह स्थिति में महिला पायलट ने अदम्य साहस और सूझबूझ का परिचय देते हुए हेलीकॉप्टर को नियंत्रित रखा और सत्यो-सकलाना के खुले खेतों में सुरक्षित इमरजेंसी लैंडिंग करा दी। जानकारी के अनुसार हाईटेंशन तार चम्बा-आराकोट से लेकर सत्यो-सकलाना तक हेलीकॉप्टर के पिछले हिस्से में फंसा घिसटता रहा, जिससे हेलीकॉप्टर का पिछला भाग क्षतिग्रस्त हो गया।
गनीमत रही कि हेलीकॉप्टर में सवार सभी 6 यात्री और पायलट पूरी तरह सुरक्षित हैं। मौत के मुंह से बाहर निकले यात्रियों ने महिला पायलट की बहादुरी को सलाम किया।
अब इस घटना ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आखिर वीआईपी मूवमेंट के चलते अचानक रूट बदलने का निर्णय कितना सुरक्षित था? क्या वैकल्पिक रूट की पहले से सुरक्षा जांच की गई थी? विशेषज्ञों का मानना है कि पर्वतीय क्षेत्रों में हेलीकॉप्टर संचालन के दौरान बिजली लाइनों और बाधाओं का सटीक सर्वे बेहद जरूरी है, ताकि भविष्य में ऐसी जानलेवा घटनाओं से बचा जा सके।
वीआईपी मूवमेंट के चलते बदला हेलीकॉप्टर का रूट, हाईटेंशन लाइन में फंसा हेलीकॉप्टर — महिला पायलट की सूझबूझ से टला बड़ा हादसा

