माघ मेले में लोकल उत्पादक का विशेष स्थान
उत्तारकाशी रिपोर्टर महावीर सिँह राणा उत्तरकाशी का माघ मेला अत्यंत प्राचीन है.यह मेला ऐतिहासिक रूप से भारत-तिब्बत व्यापार का एक महत्वपूर्ण केंद्र था.जो 1962 तक चला.जहाँ बड़ाहाट के नाम से तिब्बती व्यापारी ऊन, नमक और अन्य वस्तुएं बेचते थे, और अब यह सांस्कृतिक विरासत, स्थानीय देवी-देवताओं की डोली यात्रा (कंडार देवता) और पारंपरिक लोक नृत्यों…

